शासन के प्रतिबंध के बावजूद शहर से लेकर गांव तक की दुकानों पर पालिथीन का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है। रोक के बावजूद बाजार में दुकानदार खुलेआम पालिथीन में सामान बेच रहे हैं। नगर पालिका और जिला प्रशासन ने दो-चार दिन अभियान चलाने के बाद चुप्पी साध ली।
जनपद के छोटे से लेकर बड़े दुकानदार खुलेआम पालिथीन का प्रयोग कर रहे हैं। बड़े दुकानदारों के साथ सब्जी विक्रेता भी इसका प्रयोग धड़ल्ले से कर रहे हैं। ग्राहकों को पालिथीन में समान रखकर देते हैं। इसका दाम अलग से वसूलते हैं। पालिथीन पर प्रतिबंध लगाने के लिए नगर पालिका प्रशासन के साथ फूड विभाग की टीम को जिम्मेदारी शासन ने दी थी।
मगर साल भर बीत जाने के बाद भी शासन के आदेश का न तो जिला प्रशासन पालन करा सका और न ही नगर पालिका और फूड विभाग की टीम। कार्रवाई के नाम पर महज छापामारी की जाती है। दो-चार दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। नाम मात्र की पालिथीन जब्त की जाती है। इससे पालिथीन पर लगा प्रतिबंध बेअसर साबित हो रहा है।
अफसरों की नाक के नीचे बिक रहा पालिथीन
कंपनी गार्डेन के पास सीडीओ और एसडीएम का आवास है। उसी से सटी अफसर कॉलोनी है। दोपहर बाद अंबेडकर चौराहा और दहिलामऊ रोड पर सब्जी और फल की दुकानें सज जाती है। ज्यादातर दुकानदार पालिथीन में सामान बेच रहे हैं।
प्रतिबंधित पालिथीन बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान चलाया जाता है। दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।
धीरेंद्र प्रताप सिंह, अभिहित अधिकारी।
अभी मैं नया आया हूं। जल्द ही अभियान चलाकर प्रतिबंधित पालिथीन बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जुर्माना कम और जेल ज्यादा लोगों को भेजा जाएगा। तभी सुधार होगा।
मुदित सिंह, ईओ नगर पालिका।