कोहड़ौर बाजार में बुधवार रात रंगदारी न देने पर बाइक सवार दो बदमाशों ने दुकान में घुसकर दो सगे व्यापारी भाइयों को गोलियों से भून दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई। वारदात के बाद बदमाश कोहड़ौर थाने के सामने से भाग निकले। घटना से आक्रोशित कोहड़ौर बाजार के व्यापारी सड़क पर उतर गए और इलाहाबाद-फैजाबाद राजमार्ग जाम कर दिया। मौके पर पहुंचे कंधई एसओ की जीप पर पथराव कर दिया। डायल 100 के पुलिसकर्मियों को खदेड़ दिया गया। खबर लिखे जाने तक महिलाओं के साथ व्यापारी हाईवे पर जमे थे। घटना के डेढ़ घंटे बाद भी कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा।
कोहड़ौर बाजार निवासी श्यामसुंदर (52) की सीमेंट की दुकान है। बुधवार की रात करीब साढ़े आठ बजे वह अपने छोटे भाई श्यामसूरत (49) के साथ दुकान पर बैठकर हिसाब-किताब कर रहे थे। तभी सुल्तानपुर की तरफ से अपाचे बाइक से दो लोग उनकी दुकान के बाहर आकर रुके। एक बदमाश दुकान के भीतर घुसा और श्यामसूरत के सीने में गोली मार दी। यह देख श्यामसुंदर शोर मचाते हुए भागा तो दुकान के भीतर ही उसे भी बदमाश ने गोलियों से छलनी कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो बाहर मौजूद बदमाश भी हाथ में पिस्टल लेकर खड़ा था। करीब 6 राउंड फायरिंग करने के बाद बदमाश बाइक लेकर कोहड़ौर थाने के सामने से भाग निकले। गोलियां लगने से जख्मी दोनों भाइयों को आसपास के लोग जिला अस्पताल लेकर भागे। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही परिजन रोने-बिलखने लगे। उधर, घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हाईवे पर जाम लगा दिया। दो स्थानों पर जाम लगाकर लोग विरोध प्रदर्शन करने लगे। उनका आरोप था कि सीमेंट व्यापारी से रंगदारी मांगने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। तीन माह पहले मांगी गई रंगदारी के मामले में पुलिस केवल आश्वासन ही देती रही। मौके पर पहुंची डायल 100 को उग्र भीड़ ने दौड़ा लिया। कुछ देर बाद एसओ कंधई दलबल के साथ पहुंचे। आक्रोशित बाजार के लोगों ने उनकी जीप पर पथराव कर दिया, जिससे पुलिसकर्मी जान बचाकर भाग निकले।
कोहड़ौर में व्यापारी भाइयों की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी हुई है। रंगदारी मांगने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। नंबर ट्रेस किया जा रहा था। हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा।
पूर्णेंदू सिंह, प्रभारी एसपी।
रात 11 बजे सड़क पर डेढ़ हजार की भीड़, हाथ जोड़कर खड़े रहे अफसर
कोहड़ौर कस्बे में बुधवार रात आठ बजे सगे व्यापारी भाइयों की हत्या के बाद लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा था। रात करीब 11 बजे कोहड़ौर बाजार में इलाहाबाद-फैजाबाद हाईवे पर डेढ़ हजार से अधिक लोग जमा थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मौके पर पहुंचे प्रभारी एसपी पुर्णेंदु सिंह और पट्टी एसडीएम जेपी मिश्रा से व्यापारियों की कई बार नोकझोंक हो गई। लोगों का गुस्सा देख अफसर हाथ जोड़कर बवाल खत्म करने की मिन्नतें करते रहे। सीओ सिटी अंजनी राय भी लोगों का आक्रोश देख एकतरफ खड़े थे। व्यापारियों की मांग थी कि हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। इधर, जिला अस्पताल से निकली भीड़ ने रात साढ़े दस बजे चौक में जाम लगा दिया। लोग बीच सड़क पर बैठ गए। अस्पताल पहुंचे सदर विधायक संगमलाल गुप्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी को भी लोग अपने साथ ले गए। लोगों ने उन्हें अपने साथ बैठा लिया। पुलिस प्रशासन के प्रति लोगों में भारी गुस्सा था। व्यापरियों का कहना था कि घटना के लिए पुलिस जिम्मेदार है। भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश त्रिपाठी फोन से घटना के बार में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को पल-पल की जानकारी देत रहे।
आईजी पहुंचे अस्पताल, फिर कोहड़ौर
प्रतापगढ़। कोहड़ौर बाजार में सगे व्यापारी भाइयों की हत्या की खबर मिलने पर आईजी रमित शर्मा देर रात जिला अस्पताल पहुंचे। यहां आक्रोशित व्यापारी पुलिसकर्मियों के नकारेपान को लेकर रोष जताते रहे। यहां के बाद आईजी घटनास्थल पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों से घटना की बाबत बातचीत करते रहे। खबर भेजे जाने तक हाईवे पर जाम लगा रहा।
तीन माह से मांगी जा रही थी पांच लाख रुपये रंगदारी
कोहड़ौर बाजार में गोलियों से छलनी किए गए सीमेंट कारोबारी सगे भाइयों को पांच लाख रुपये रंगदारी के लिए तीन महीने से धमकी दी जा रही थी। बुधवार को भी कई बार उन्हें धमकी भरे फोन आए थे। इससे सहमे परिवार के लोगों ने उनसे दुकान दिन में ही बंद करने के लिए कहा, लेकिन दोनों धमकी से बेफिक्र रहे। रंगदारी के लिए पांच लाख की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मौन साध लिया था। इतना ही नहीं पूर्व एसपी को भी रंगदारी मांगने वाले ने धमकाया था।
कोहड़ौर बाजार के रहने वाले व्यापारी श्यामसुंदर को तीन माह पहले एक व्यक्ति ने फोन कर पंाच लाख रुपये पहुंचाने के लिए कहा था। जिसे व्यापारी ने गंभीरता से नहीं लिया। कुछ दिनों बाद फिर फोन पर पांच लाख रुपये रंगदारी मांगी गई। इसके बाद परिवार के लोगों और दूसरे व्यापारियों ने पुलिस से शिकायत करने की सलाह दी। श्यामसूरत की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाकर धमकी देने वालों की तलाश का केवल पुलिस दावा करती रही। यहां तक कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के पास व्यापारी शिकायत लेकर पहुंचे। ठीक उसी समय रंगदारी मांगने वाले का फोन आ गया। व्यापारियों की मानें तो एसपी ने खुद काल रिसीव की। फोन करने वाला एसपी को भी धमकाता रहा। जिला अस्पताल में व्यापारी के परिजन अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी को अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहते रहे कि मंगलवार को दिन भर कई बार रंगदारी मांगने वाले का फोन आया। वह बराबर रुपये की मांग कर रहा था। व्यापारी ने कोहड़ौर एसओ को भी प्रकरण से अवगत कराया था, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं किया। नतीजा बुधवार की रात दुकान के भीतर घुसकर बदमाशों ने सगे व्यापारी भाइयों को गोलियों से भून दिया।
स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला, तोड़फोड़
सगे व्यापारी भाइयों की हत्या से आक्रोशित व्यापारियों का गुस्सा जिला अस्पताल में फूट पड़ा। मर्चरी में बंद शवों को वह अपने साथ ले जाने की जिद पर अडे़ थे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में बैठे स्वास्थ्यकर्मियों पर उग्र लोगों ने हमला बोल दिया। तोड़फोड़ के दौरान भगदड़ मच गई। पुलिस तमाशबीन बनी रही।
कोहड़ौर बाजार के सीमेंट कारोबारी श्यामसुंदर व उनके भाई श्याममूरत का मर्चरी में बंद शव बाजार ले जाने की कुछ लोग जिद करने लगे। इमरजेंसी कक्ष में पहुंचकर डाक्टर से शव मर्चरी में बंद करने को लेकर विवाद करने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने स्वास्थ्यकर्मियों के ऊपर हमला बोल दिया। मेज पलटने के साथ ही अभिलेख फाड़ डाले। भीतर हंगामा होता रहा और बाहर पुलिस तमाशबीन बनी रही। इससे इमरजेंसी में भगदड़ मच गई। डाक्टर व फार्मासिस्ट बाहर भाग निकले। इसके बाद भीड़ मर्चरी पहुंची, लेकिन ताला बंद होने के कारण शव बाहर नहीं निकाला जा सका। हंगामे की खबर मिलने पर पुलिस पीछे-पीछे पहुंची, लेकिन अंधेरा होने के कारण दूर खड़ी रही। मौके पर पहुंचे एएसपी पश्चिमी शिवाजी शुक्ला लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन लोग जिद पर अड़े रहे। लोगों का कहना था कि वह लोग हत्यारों की गिरफ्तारी होने तक किसी की कुछ नहीं सुनेंगे। रंगदारी के लिए लगातार मिल रही धमकी के बाद भी पुलिस ने सुरक्षा के लिए कोई बंदोबस्त नहीं किया। खबर भेजे जाने तक जिला अस्पताल में आक्रोशित लोगों का बवाल जारी रहा। पुलिस बैकफुट पर नजर आई।