बुधवार को अमर उजाला में शहीदों, महापुरुषों की उपेक्षित प्रतिमओं के बारे में खबर छपी तो नगर पालिका में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पालिका कर्मी शहर के चौराहों पर लगी शहीदों व महापुरुषों की मूर्तियों की सफाई में जुट गए। प्रतिमाओं से लेकर चबूतरों तक की सफाई की गई।
शहर के लगभग सभी प्रमुख चौराहों पर कई शहीदों व महापुरुषों की मूर्तियां लगी हैं। देख-रेख के अभाव में मूर्ति के चारो तरफ बने चबूतरों पर लगी लोहे की रेलिंग टूट चुकी है। भंगवाचुंगी व राजापाल टंकी जैसे प्रमुख चौराहों पर चबूतरे के बीच लगा पानी का फौव्वारा खराब है। मूर्तियों पर धूल की परत जमी थी। मूर्तियों की उपेक्षा को लेकर अमर उजाला ने बुधवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया।
सुबह नगर पालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिम्मेदारों ने कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। नगर पालिका अध्यक्ष हरि प्रताप सिंह के निर्देश पर कर्मचारी मूर्तियों की सफाई में जुट गए। पानी का टैंकर लेकर प्रतिमाओं के पास पहुंचे कर्मचारियों ने मूर्तियों के आसपास चस्पा प्रचार पोस्टर को उखाड़ा। झाड़ू से चबूतरे पर जमी धूल की सफाई कर मूर्तियों को कपड़े से पोछा। प्रतिमाओं को साफ करने के बाद पानी से धुलाई की गई।
मूर्तियों व चबूतरों की सफाई तो हो गई मगर कई साल से खराब पड़े पानी के फौव्वारे नहीं ठीक हो सके। शहर के विवेक तिवारी, राहुल सिंह, मोहित अग्रवाल, राकेश ऊमरवैश्य आदि व्यापारियों ने कहा कि अमर उजाला संवेदनशील मामला उठाया है। पालिका अध्यक्ष और वहां के अफसरों को इस मामले में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। लोगों ने कहा कि चबूतरों का खराब पानी का फौव्वारा भी बनवा दिया जाए तो शहर की खूबसूरती में चारचांद लग जाए।