यूपी बोर्ड की परीक्षा में केंद्रों में नकल होने पर सीधे सेक्टर मजिस्ट्रेट पर गाज गिरेगी। डीआईओएस कार्यालय को भेजे पत्र में नकल रोकने की पूरी जिम्मेदारी सेक्टर मजिस्ट्रट पर सौंपी गई है।
परीक्षा के लिए जिले के 367 हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कॉलेज को केंद्र बनाया गया है। बोर्ड परीक्षाएं 19 फरवरी से प्रारंभ हो रही हैं। यूपी बोर्ड ने नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए दो बड़ा परिवर्तन किया है। बोर्ड ने कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को पहली बार ऑनलाइन पहचान पत्र देने और सेक्टर मजिस्ट्रेट को नकल रोकने की जिम्मेदारी सौंपी है। कॉलेज के प्रिंसिपल ही केंद्र व्यवस्थापक बनाए जाएंगे। परीक्षा केंद्र पर नकल सामग्री मिलने या नकल करते बच्चों के पकड़े जाने पर उन्हें हटाने का अधिकार सेक्टर मजिस्ट्रेटों को सौंपा गया है।
परीक्षा की तिथियां जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही हैं, अधिकारियों ने तैयारियों का सिलसिला तेज कर दिया है। सभी परीक्षा केंद्रों को कॉपियों के वितरण के साथ ही कॉलेजों के प्रिंसिपल को पत्र भेजकर व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। एडीआईओएस आरके वर्मा ने बताया कि नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए सभी तैयारियां की जा रही है। उन्होंने बताया कि परीक्षा केंद्र अधिक हैं, इसलिए पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की जाएगी।