कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए निजी अस्पतालों को डाक्टरों को प्रशिक्षित किया गया है। डीएम डा.रुपेश कुमार ने निजी चिकित्सकों से कहा है कि अगर उन्हें कोरोना मरीज मिलता है, तो वह इसकी तुरंत सूचना सीएमओ को देंगे।
वह स्वयं मरीज को कोरोना संक्रमित होने की घोषणा नहीं करेंगे। डीएम ने निजी चिकित्सकों को अलर्ट करते हुए कहा कि स्वयं को सुरक्षित करने के लिए यह आवश्यक है कि कम से कम 40 और अधिक से अधिक 60 सेकेंड हाथ साबुन से हाथ धुलने को कहा है।
कोरोना महामारी से निपटने के लिए निजी अस्पतालों के डाक्टरों का सहयोग लेने के लिए डीएम कैंप कार्यालय में उन्हें ट्रेनिंग दी गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मंडलीय कंसलनेंट डा. हामिद ने प्रोजेक्टर के माध्यम से कोरोना वायरस के संक्रमण और बचाव का तरीका बताया।
डीएम ने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाय। उनसे पिछले 14 दिनों में विदेश यात्रा या बाहर जाने की जानकारी ली जाय। अगर संदिग्ध लगता है कि उसके पर्चे में लाल निशान लगाएं।
इससे उनकी जांच कराने के बाद भी उसे घर जाने को कहा जाएगा। निजी डाक्टरों को स्वयं से कोरोना मरीज नहीं घोषित करने कहा है, जब तक सैंपल की जांच में पॉजिटिव नहीं आता है, तब तक किसी को कोरोना संक्रमित नहीं कहा जा सकता है। डाक्टरों को संक्रमण से बचने के लिए साबुन से 40-60 सेकेंड तक हाथ धोने को कहा।
पीपीई किट के उपयोग के सम्बंध में कहा कि कैप, गॉगल, मास्क, ऐप्रेन, ग्लब्स, शू, कवर का प्रयोग करके ही चिकित्सीय कार्य करना है। उन्होंने कोरोना महामारी से निपटने के लिए सभी का सहयोग मांगा है। इस मौके पर एडीएम शत्रोहन वैश्य, सूचना अधिकारी विजय कुमार शुक्ल, सीएमओ, एसडीएम प्रमुख रूप से मौजूद रहे।