विभागीय कार्रवाई को अवैध नर्सिंग होम संचालक कितनी गंभीरता से लेते हैं, यह शनिवार को डिप्टी सीएमओ के निरीक्षण में सामने आया। अवैध संचालन पर गायघाट रोड स्थित बालाजी हॉस्पिटल के खिलाफ करीब एक महीने पहले मुकदमा दर्ज हुआ लेकिन अस्पताल संचालित मिला। उन्होंने वहां भर्ती से एक प्रसूता से बात भी की।
डिप्टी सीएमओ डॉ. एस हैदर ने बताया कि शनिवार देर शाम गायघाट रोड बालाजी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया तो वहां कंधई थाना के किशुनगंज की रहने वाली प्रीती नाम की महिला भर्ती थी। पूछने पर उसने बताया कि ऑपरेशन से उसे बेटा पैदा हुआ है। किस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया है, इसके बारे में उसे नहीं पता है। जबकि बालाजी हॉस्पिटल का सीएमओ आफिस में पंजीयन ही नहीं है। अस्पताल में कौन डॉक्टर और कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है।
अपर शोध अधिकारी आरजी चौधरी ने बताया कि पूर्व में अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। इसके बावजूद अस्पताल का संचालन हो रहा है। कार्रवाई के लिए एसपी को पत्र भेजा गया है। कोतवाली पुलिस को पत्र भेजकर अस्पताल में ताला बंद कराया जाएगा।