तीन दिनों पहले कांग्रेस-भाजपा समर्थकों के बीच विवाद और मारपीट के मामले में सीओ पर तबादले की गाज गिरी है। इलाहाबाद पुलिस हेड क्वार्टर से नए सीओ को लालगंज सर्किल की जिम्मेदारी दी गई है। देर रात चुनाव आयोग द्वारा की गई कार्रवाई से हडक़ंप मच गया है। कोतवाली को घेराव कर कांग्रेस विधायक ने अफसरों व चुनाव आयोग से शिकायत की थी। अभी अन्य अफसरों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
रामपुर खास में प्रचार के दौरान बुधवार को लालगंज कोतवली के नारायनपुर गांव के पास कांग्रेस व भाजपा समर्थकों के बीच जमकर बवाल और मारपीट हुई थी। बवाल के बाद भाजपाइयों ने रानीगंज कैथौला में जाम लगा दिया।उधर पिटाई का आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव कर दिया। बताया जाता है कि दो घंटे तक घेराव के दौरान सर्किल के अफसरों के नहीं पहुंचने की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक व सपा-कांग्रेस गठबंधन की प्रत्याशी आराधना मिश्रा मोना ने चुनाव आयोग समेत प्रदेश के आला अफसरों को शिकायती पत्र भेजकर पुलिस पर शिथिलता दिखाने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। उन्होंने घटना के दिन ही देर रात पर्यवेक्षक अनुपम आनंद से मुलाकात कर मामले की जांच कराए जाने की मांग की थी।
मोना के मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल ने भी चुनाव आयोग को फैक्स भेजकर पुलिस पर एक पक्ष की कार्रवाई का आरोप लगाते हुए मारपीट की घटना की जांच कराए जाने की मांग की थी। चर्चा है की पुलिस ने राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी के गैर जनपद में रहने के बाद भी भाजपा प्रत्याशी की तहरीर पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर दिया था। बिना जांच के प्रमोद तिवारी पर केस लादने की शिकायत भी कांग्रेसियों ने की थी। इस बीच गुरुवार की रात लालगंज के सीओ वीआर प्रेमी के इलाहाबाद पुलिस हेड क्वार्टर तबादले का आदेश आ गया। चुनाव आयोग के निर्देश पर सुधीर कुमार को लालगंज का नया सीओ बनाया गया है। तबादले की कांग्रेस-भाजपा समर्थकों के बीच हुए बवाल से जोड़कर देखा जा रहा है। एएसपी नीरज पांडेय ने बताया कि लालगंज के सीओ वीआर प्रेमी का तबादला पुलिस हेड क्वार्टर के लिए कर दिया गया है।