टीईटी का नंबर बढ़ाकर नौकरी हथियाने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों में खलबली मच गई है। शनिवार को बीएसए कार्यालय बंद रहा। मगर प्रशिक्षु शिक्षक जुगाड़ की खोज में कर्मचारियों के आवास स्थानीय दुकानदारों से पूछते रहे। इधर विभागीय अधिकारियों ने फर्जीवाडे़ को गंभीरता से लेते हुए सत्यापन की कवायद प्रारंभ कर दी है।
जिले में सहायक अध्यापकों के खाली पड़े 500 पदों के लिए प्रशिक्षु शिक्षकों से आवेदन मांगे गए थे। इसमें दस प्रतिशत यानी 50 पद शिक्षामित्रों के थे। डायट प्रशासन ने दो चरणों में अभी तक 406 प्रशिक्षुओं का चयन किया और बीएसए ने इन लोगों को नियुक्ति पत्र भी जारी कर दिए। प्रशिक्षु शिक्षकों के अभी 94 पद खाली हैं। मगर जिस प्रकार टीईटी प्रमाणपत्र में अंकों का हेरफेर कर नौकरी हासिल की गई है उससे लगता है कि अभी रिक्त पदों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। ‘अमर उजाला’ने फर्जीवाडे़ का खुलासा किया तो प्रशिक्षु शिक्षकों में खलबली मच गई।
इधर बीएसए के आदेश पर समिति ने सत्यापन का कार्य प्रारंभ कर दिया है। समिति के सदस्यों की मानें तो टीईटी का फर्जी अंकपत्र लगाने वालों की संख्या में इजाफा हो सकता है। बीएसए एसटी हुसैन ने कहा कि तीसरे चरण की जारी होने वाली सूची में शामिल प्रशिक्षु शिक्षकों को सत्यापन होने के बाद ही नियुक्ति पत्र दिया जाएगा। उन्होंने सत्यापन में विभाग को धोखा देने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही है।