शहर से लेकर चिलबिला के बीच एक सप्ताह से हर रोज जाम लगने के कारण लोगाें ने कार व दूसरे चारपहिया से चलना छोड़ दिया है। यही नहीं चिलबिला पहुंचते ही अगर जाम दिखा तो कोहंडौर, पट्टी की ओर से शहर आने वाले लोग अंतू जाने वाली सड़क पर चले जाते हैं और गायघाट की ओर से शहर आ रहे हैं। सुबह से देर रात तक की समस्या देखने के बाद भी प्रशासन मौन साधे है।
इलाहाबाद-फैजाबाद हाईवे पर स्थित चिलबिला रेलवे क्रासिंग 24 घंटे में 50 बार से अधिक बंद होने के कारण जाम की समस्या काफी दिनाें से रुला रही है। ओवरब्रिज का निर्माण हुआ लेकिन वह पहुंचमार्ग के पचड़े में फंस गया। जिले के पूर्व एसपी दीपक कुमार ने चिलबिला क्रासिंग का जाम खत्म करने के लिए रूट डायवर्जन की व्यवस्था कर दी थी।
इलाहाबाद से आने वाले वाहनाें को अंतू मार्ग पर विद्युत उपकेंद्र की ओर से जाने की व्यवस्था की गई। कहने को तो यह नियम अब भी चल रहा है लेकिन उस पर ठीक से अमल नहीं हो पा रहा है। वन वे की व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। जिसका जिधर से मन करता है वह उधर घूम जाता है। ऐसे में चार दिनों से हर रोज चिलबिला क्रासिंग से अंतू, कोहंडौर, पट्टी मार्ग पर दो किलोमीटर तक जाम लग रहा है। शहर की ओर हाईवे पर सीवर की खोदाई के कारण समस्या और बढ़ गई है।
चिलबिला के कारोबारी श्री किशोर अग्रवाल, पूर्व सभासद संतोष दुबे, सुनील पांडेय, समाजसेवी रोशनलाल उमरवैश्य, राजीव सिंह ने बताया कि वह लोग चार दिनाें से अपनी गाड़ियां ही नहीं निकाल रहे हैं। सड़क पर जाम न देख अगर जीप या कार लेकर निकल भी गए तो उसे शहर में ही छोड़कर किसी बाइक से घर लौटना पड़ रहा है।
रविवार को तो पूरे दिन जाम लगने के कारण बाइक से भी शहर जाना मुश्किल हो गया। कोहंडौर, पट्टी, किसुनगंज की ओर से आने वाले लोगाें ने बिहारगंज, गायघाट होकर शहर पहुंचे। शहर से पट्टी की ओर जाने वाले तमाम लोगाें ने कादीपुर, दिलीपपुर का रास्ता अपनाया। शहर से घर जाने के लिए टैक्सियाें और बसों में सवार होने वाले लोगों को दो-दो घंटे जाम में फंसना पड़ रहा है। हालात से बखूबी अवगत होने के बाद भी जिले के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।