अगर आप खुद का या अपने किसी परिजन का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए मेडिकल कॉलेज जाना चाहते हैं तो जरा ध्यान दीजिए। इसके लिए अस्पताल में आपको दो दिन इंतजार करना पड़ेगा। इसके बाद ही नंबर आने पर चिकित्सक जांच करेंगे।
मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय की ओपीडी में औसतन ढाई हजार मरीज जांच और इलाज कराने पहुंचते हैं। जिन्हें डॉक्टर कई तरह की जांच लिखते हैं। इनमें से औसतन 500 मरीजों को अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी जाती हैं। मेडिकल कॉलेज में महज एक जांच मशीन और दो रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। जिस वजह से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है।
मरीजों को दूसरे या फिर तीसरे दिन का नंबर देकर घर भेज दिया जा रहा है। मजबूरन मरीज निजी सेंटर पर जाकर एक हजार रुपये खर्च कर जांच करा रहे हैं। वहीं, इस मामले में सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा का कहना है कि प्राचार्य के माध्यम से शासन को एक अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए मांग पत्र भेजा जाएगा। यदि एक और मशीन मिल गई तो मरीजों को काफी सहूलियत हो जाएगी।
गर्भवती महिलाओं को होती है ज्यादा परेशानी
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन नहीं है। इससे गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशान होना पड़ता है। चार बार उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चार हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। सदर में पीपीपी मोड पर एक साल पहले गर्भवती महिलाओं की मुफ्त में जांच की व्यवस्था सीएमओ ने कर रखी थी, लेकिन मौजूदा समय में इसे बंद कर दिया गया है।
मेरी पत्नी के पेट में दिक्कत है। महिला डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने अल्ट्रासाउंड कराकर जांच रिपोर्ट दिखाने के लिए कहा। अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचा तो एक कर्मचारी ने पर्चा लिया और बुधवार की तारीख देकर वापस कर दिया। अशोक कुमार श्रीवास्तव, देवकली।
बीते दो दिनों से पेट दर्द से परेशान हूं। सोमवार सुबह नौ बजे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए के मेडिकल कॉलेज पहुंचा तो बताया गया कि आज जिन लोगों का अल्ट्रासाउंड होना है उनका पर्चा जमा हो गया है। मंगलवार को जिनका होना है उनका नंबर लग चुका है। अब बुधवार को ही अल्ट्रासाउंड होगा। संदीप सिंह, ढेकाही।
अशोक श्रीवास्तव।