सेतु निगम ने साधोपुर में सई नदी पर पुल तो बना दिया लेकिन संपर्क मार्ग बनाना भूल गए। ग्रामीणों को पुल तक पहुंचने के लिए सीढ़ी लगाकर चढ़ना और उतरना पड़ता है। वहीं, रानीगंज, मोहनगंज और लालगंज जाने वाले बाइक और कार सवारों को 10 से 15 किमी का चक्कर लगाकर पहले तेजगढ़ या प्रतापगढ़ आना पड़ता है। फिर वह गंतव्य तक जाते हैं।
करीब 12 वर्ष पहले बने पुल से लोगों को आवागमन की सहूलियत की उम्मीद जगी थी। दिन, महीने और साल बीते लेकिन पुल के दोनों ओर संपर्क नहीं बना। इस वजह से राजापुर, नेवादाकला, मवैयाकला, रजवाड़ी, रामपुर प्रान समेत करीब 22 गांवों के करीब 35 हजार लोग परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है। खेतों से उपज लाने में भी दिक्कत होती है। सिर पर बोझा रखकर सीढ़ी से उतरना जान हथेली पर लेकर चलने जितना कठिन है।
ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन अब तक संपर्क मार्ग का निर्माण शुरू नहीं हो सका। लोगों का कहना है कि संपर्क मार्ग बनने से आवागमन में सहूलियत होगी। इसका निर्माण किया जाना चाहिए।
छह करोड़ की लागत से बना है पुल
साधोपुर से गुजरी सई नदी पर लोगों के आवागमन को बेहतर करने के लिए सेतु निगम ने छह करोड़ की लागत से पुल तैयार किया था। एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को संपर्क मार्ग नसीब नहीं हो सका।
वर्जन
0 पुल के आसपास ग्रामीणों के खेत हैं। फसल का बोझ घर तक ले जाने में दिक्कत होती है। सीढ़ी के सहारे बोझ को लेकर घर तक जाते हैं।
- बंशीलाल प्रजापति, मवइया कला
0 पुल बनने से आवागमन सुगम होने की उम्मीद थी, लेकिन लापरवाही के चलते एक दशक से नहीं ग्रामीणों को इसका लाभ मिल पा रहा है। संपर्क मार्ग बनाने के लिए शिकायत भी की गई है। - अवध कुमार शुक्ल, नेवादा कला
वर्जन-
संपर्क मार्ग बनाने का बजट उपलब्ध नहीं है। बजट जारी होते ही संपर्क मार्ग का भी निर्माण कराया जाएगा।
- प्रशांत सिंह, जिला प्रबंधक, सेतु निर्माण निगम
गड़वारा क्षेत्र के साधोपुर में सई नदी पर पहुंच मार्ग के बगैर अधूरा पड़ा पुल। संवाद
गड़वारा क्षेत्र के साधोपुर में सई नदी पर पहुंच मार्ग के बगैर अधूरा पड़ा पुल। संवाद
गड़वारा क्षेत्र के साधोपुर में सई नदी पर पहुंच मार्ग के बगैर अधूरा पड़ा पुल। संवाद