बेसिक स्कूलों में सफाई की गुणवत्ता परखी जाएगी। यह काम जिले के अधिकारी करेंगे। निरीक्षण टीम में शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं होंगे। टीम में दूसरे विभागों के अफसरों का चयन होगा। विद्यालय में गंदगी मिलने पर सफाई कर्मी जिम्मेदार होंगे। सफाई न होने पर प्रधानाध्यापक व प्रधान को भी जवाब देना पड़ेगा।
गंदगी से प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा का माहौल नहीं बन पा रहा। आने के बाद बच्चे गंदगी के बीच ही बैठते हैं। डीएम एक मानीटरिंग टीम गठित करेंगे। टीम में शिक्षा विभाग के अधिकारी नहीं होंगे। दूसरे विभाग के अफसर स्कूलों में सफाई का स्तर देखेंगे। प्राप्त स्थिति की रिपोर्ट वे जिलाधिकारी को देंगे। गंदगी होने पर उस गांव में तैनात सफाई कर्मी जिम्मेदार होगा। इन पर कार्रवाई भी की जाएगी इस कार्रवाई बाद प्रधानाध्यापक व प्रधान का नंबर लगेगा। यदि प्रधान से स्कूल में प्रधानाध्यापक ने सफाई कर्मी भेजने की बात कभी नहीं कही तो उन पर भी गाज गिरेगी।
जिन स्कूलों की बाउंड्री व गेट सुरक्षित होगा उसमें क्यारियां बना कर फूल और छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इससे स्कूल की शोभा बढ़ने के साथ बच्चों में फूल पत्ती के प्रति लगाव बढ़ेगा। पौधों की सुरक्षा का दायित्व शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों पर होगा। तैयार पेड़ में खिले फूल को न तोड़ने की सीख भी बच्चों को दी जाएगी।
बेसिक स्कूलों के बच्चों को शिक्षक सफाई का पाठ पढ़ाएंगे। स्वच्छ माहौल का फायदा बताने के साथ खुद को भी स्वच्छ रखने जैसे, नाखून काटने, बाल छोटा रखने, खाने से पहले हाथ धुलने, ब्रस करने जैसी अन्य बातों को भी शिक्षक बच्चों को बताएंगे। इन कार्यों की मानीटरिंग निरीक्षण में जिले के शीर्ष अधिकारी करेंगे।
डीडीओ ने बताया कि इस आशय का पत्र भी आ चुका है। जल्द ही ये काम अभियान के रूप में शुरू होगा। सरकार की मंशा है कि बेसिक स्कूल भी सुंदर और स्वच्छ दिखे ताकि शिक्षा का माहौल बनने के साथ बच्चे और लोग आकर्षित भी हों।