चक मार्ग पर मिट्टी डालने के लिए खेत में खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में डूबने से तीन वर्षीय बालिका की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के अर्जुन अतेरू पंचपेडीया निवासी राम सुमेर पटेल शनिवार को मजदूरी करने गया था। घर पर उसकी पत्नी मनीषा देवी व बेटी सलोनी थी। मनीषा घर में काम करने लगी। इस बीच सलोनी खेलते समय घर के सामने खेत में बने गड्ढे के पास पहुंच गई। ग्राम द्वारा चकमार्ग पर खोदे गड्ढे वह अचानक गिर गई। गड्ढे में भरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। काफी देर तक जब सलोनी नहीं दिखी तो मां मनीषा खोजबीन करने लगी। जब वह गड्ढे के पास पहुंची तो सलोनी दिखाई पड़ी। उसे बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा तो परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। समझाने पर परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी हुए। बेटी की मौत से रो-रोकर माता पिता का बुरा हाल है। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने परिजनों से घटना की जानकारी ली। थानाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह भदौरिया का कहना है कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
छह माह पूर्व हुई थी बड़ी बेटी की मौत
राम सुमेर पटेल के दो बेटियां थी। बड़ी बेटी सात वर्षीय शालिनी की छह माह पूर्व सर्प दंश से मौत हो गई थी। शनिवार को छोटी बेटी सलोनी की गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। दोनों बेटियों के मौत से उसका घर सूना हो गया।