मां बेल्हादेवी जंक्शन होकर गुजरने वाली अर्चना समेत तीन ट्रेनें शनिवार को निरस्त रहीं। 15 ट्रेनें अपने समय की पटरी से उतर गईं थी। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ा। लेटलतीफी के कारण यात्रियों को प्लेटफाॅर्म पर बैठकर ट्रेन आने का इंतजार करना पड़ा।
स्टेशन अधीक्षक शमीम अहमद ने बताया कि देहरादून-वाराणसी जनता एक्सप्रेस अप और डाउन के साथ अर्चना एक्सप्रेस और दिल्ली-वाराणसी काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को मेला स्पेशल ट्रेनों के चलते निरस्त कर दिया गया है।
वहीं आनंद विहार टर्मिनल डेढ़ घंटे, वाराणसी-दिल्ली नीलांचल डेढ़ घंटे, प्रयागराज संगम- तीन घंटे, वाराणसी जाने वाली गरीबरथ एक्सप्रेस सवा घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। उन्होंने बताया कि हावड़ा-अमृतसर पंजाबमेल दो घंटे, लखनऊ-प्रयाग स्पेशल छह घंटे, अयोध्या- प्रयाग स्पेशल पांच घंटे तो सरयू एक्सप्रेस डेढ़ घंटे विलंब से जंक्शन पर पहुंची। कुंभ मेला जाने वाली खजुराहो कुंभ स्पेशल एक घंटे 20 मिनट, ऊंचाहार पैसेंजर सवा घंटे, अयोध्या-प्रयाग-स्पेशल दो घंटे, गोसाईगंज-प्रयाग कुंभ स्पेशल दो घंटे, दुर्ग एक्सप्रेस एक घंटे, मनवर संगम एक घंटे, प्रयाग-अयोध्या स्पेशल दो घंटे की देरी से जंक्शन पर पहुंची। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ा। धारूपुर निवासी सुनील यादव ने बताया कि अर्चना एक्सप्रेस का एक माह पहले टिकट ले रखे थे। ट्रेन निरस्त होने के कारण यात्रा निरस्त करनी पड़ी। रूपापुर निवासी सुरेश परिवार सहित महाकुंभ मेला जाने के लिए घर से निकले थे। जंक्शन पर भीड़ एक तो ज्यादा दूसरी ओर ट्रेनों के लेटलतीफी के चलते उन्होंने अपना यात्रा निरस्त कर रोडवेज से सफर तय किए।
ट्रेनों में सवार होने के लिए मारामारी
महाकुंभ मेला जाने वाले दर्शनार्थियों की संख्या फिर बढ़ने लगी है। भले ही स्नान पर्व नहीं है लेकिन लोग महाकुंभ में स्नान करने का संकल्प मन में रखकर घर से निकल रहे हैं। शनिवार सुबह स्टेशन पर दर्शनार्थियों का रेला देखने को मिला। ट्रेन आने पर उसमें सवार होने के लिए दर्शनार्थी धक्का मुक्की करते नजर आए। रेलवे पुलिस मुस्तैद रही।