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पडऱीपाल में गोसंरक्षण केंद्र में तीन और गायों की मौत

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पड़रीपाल में गो संरक्षण केंद्र में तीन और गायों की मौत
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पहले भी 17 गायों की जा चुकी है जान, अव्यवस्था से नहीं मिली निजात
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़/कोहंड़ौर। गो संरक्षण केंद्रों में कैद मवेशियों के मरने का दौर जारी है। मंगरौरा स्थित पड़रीपाल गो संरक्षण केंद्र में रविवार को तीन और गायों की मौत हो गई। अव्यवस्था का आलम यह है कि अभी टीनशेड का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। इसके पहले पड़रीपाल में 17 गायों की मौत हो चुकी है। इधर शनिवार को सीएचसी दरछुट से पकड़े गए 28 मवेशियों को किसानों की फसल नष्ट करने के लिए छोड़ दिया गया है।
आवारा पशुओं ने जिले के किसानों के साथ ही अफसरों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीण कभी स्कूल तो कभी सीएचसी में आवारा मवेशियों को बंद करके विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारी भी सिर्फ कोरम पूरा करने तक ही कार्रवाई करते हैं। मंगरौरा विकास खंड के गो संरक्षण केंद्र पड़रीपाल में अभी भी अव्यवस्था का बोलबाला है। टीनशेड पूरे परिसर में नहीं होने से मवेशियों को अभी भी खुले में रहना पड़ रहा है। इससे रविवार को तीन और गायों की मौत हो गई।
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इधर, सीएचसी दरछुट में कैद 45 पशुओं को गो संरक्षण केंद्र पहुंचाने का दावा पूरी तरह फेल नजर आ रहा है। शनिवार को 28 पशु आसपुर देवसरा के उमरडीहा और 17 जानवर पड़रीपाल भेजे गए थे। पड़रीपाल के प्रधान श्रीकांत पाठक ने स्वीकार किया कि उनके गो संरक्षण केंद्र में 17 जानवर आए हैं। जबकि 28 जानवरों को आसपुर देवसरा के उमरडीहा स्थित गो संरक्षण केंद्र भेजा गया था। मगर वह जानवर गो संरक्षण केंद्र पहुंचने के पहले ही किसानों की फसल नष्ट करने के लिए छोड़ दिए गए। दरअसल, गांव के पास जब ट्रक रुका तो लोगों ने लाठी-डंडे लेकर चालक को दौड़ा लिया। दो युवकों ने चालक की पिटाई भी कर दी। गांव के लोगों का कहना था कि जो जानवर पहले से हैं वह सिरदर्द बने हुए हैं। इसलिए गांव के लोगों ने जानवरों को कहीं और छोड़ने को कहा। एसडीएम पट्टी ने आसपुर देवसरा एसओ को फोनकर मौके पर पहुंचने को कहा, मगर वह नहीं पहुंचे।
उमरडीहा में क्षमता से अधिक हैं जानवर
आसपुर देवसरा विकास खंड के उमरडीहा में खुले गो संरक्षण केंद्र में 262 जानवरों की क्षमता है। वर्तमान में 350 से अधिक जानवर कैद हैं। क्षमता से अधिक जानवरों को रखने से खाने-पीने की भी समस्या खड़ी होती है। इसलिए कोई और जानवरों को रखने को तैयार नहीं है।
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शनिवार को आसपुर देवसरा के उमरडीहा में गांव के लोगों के विरोध करने पर सभी जानवरों को पड़रीपाल भेजा गया है। मवेशियों की सुरक्षा और खाने-पीने की व्यवस्था के लिए सभी तैयारियां हो रही हैं। जो कार्य अपूर्ण है, उसे पूरा कराने का निर्देश दिया गया है। डीपी सिंह, एसडीएम, पट्टी
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