पेट्रोल पंपों पर मिलावट और घटतौली की जांच के लिए चलेगा अभियान
तीन विभागों के अफसर जांच टीम में होंगे शामिल
पिछले वर्ष के अभियान में तीन पेट्रोल पंपों पर मिली थी खामियां
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। डीजल और पेट्रोल में मिलावट और घटतौली का दंश झेल रहे ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। जिले के 217 पेट्रोल पंप संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी हो रही है। इनका अगले माह से औचक निरीक्षण होगा, खामियां मिलने पर लाइसेंस भी रद हो सकता है। जांच टीम के सदस्य खेल न कर सकें, इसके लिए तीन विभागों के अधिकारियों को टीम में शामिल किया जा रहा है।
जिले में 217 पेट्रोलपंप हैं। इनमें से अधिकांश पेट्रोल पंपों पर मिलावट और घटतौली करके अपनी जेब भरी जा रही है। आपूर्ति विभाग और बाटमाप विभाग की सेटिंग के चलते इन पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ जब ग्राहक शिकायत करता है, तो भी कोई कार्रवाई नहीं होती है। ग्राहकों को ठगने वाले पंप संचालकों पर शिकंजा कसने के लिए शासन ने विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया है। अगस्त में चलने वाले अभियान में एसडीएम के नेतृत्व में गठित होने वाली टीम में आपूर्ति विभाग और बाटमाप विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। आपूर्ति विभाग के अधिकारी मिलावट की जांच करेंगे, तो बाटमाप के अधिकारी घटतौली की हकीकत खंगालेंगे। पिछले वर्ष हुई जांच में तीन पेट्रोल पंप पर खामियां मिलने पर जुर्माने की रकम वसूली गई थी। जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि टीम का गठन किया जा रहा है, अगले माह से अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
रिमोट से इलेक्ट्रिक मशीन में हो रही है छेड़छाड़
हाथ से मशीन चलाकर तेल देने का सिस्टम लगभग बंद हो गया है, सभी पंपों पर इलेक्टॉनिक मशीन लगी हुई है। मगर ग्राहकों की मानें तो रिमोट से मशीन में छेड़छाड़ करके घटतौली की जा रही है। तेल देने वाले ही एक व्यक्ति के पास रिमोट होता है। जब कोई अधिकारी आता है, तो सामान्य तौल कर दी जाती है।
सौ से अधिक पंपों पर नहीं लगा बी-सेट
इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम जिस पंप पर एक लाख से अधिक प्रतिदिन की बिक्री होती है। उस पर बी-सेट लगा रखा है। इससे वह मुख्यालय से ही नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास करते हैं। मगर जिले में एक सौ से अधिक पंप ऐसे हैं, जहां अभी बी-सेट नहीं लगा हुआ है। इससे वह खुलेआम खेल कर रहे हैं।