प्रतापगढ़। किशोरी से गैंगरेप करने के चार आरोपियों को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास तथा तीन लाख पंचान्नवे हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। तमाम गवाहों तथा सुबूतों के आधार पर लोक अभियोजक देवेंद्र त्रिपाठी की पैरवी पर अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो पंकज श्रीवास्तव ने सजा सुनाई है।
फतनपुर थाना क्षेत्र की एक किशोरी को 23 सितंबर 2022 को देल्हूपुर जंगल में आरोपी शिवम पटेल ले आया। जहां हाईवे के करीब जंगल में उसके साथ शिवम सरोज, मोहम्मद तफसीर व मोहम्मद रफीक ने दुष्कर्म किया। इस दौरान इनका साथी मुन्नू लगातार निगरानी करता रहा। इस दौरान किशोरी बेहोश हो गई।
इसके बाद आरोपी पीड़िता का चांदी का पायल तथा चार सौ रुपये लेकर फरार हो गए। दर्द से तड़पती पीड़िता को जब कुछ होश आया तो वह किसी तरह हाईवे पर पहुंची। सूचना मिलने पर पुलिस उसे लेकर मेडिकल कॉलेज भागी। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की जानकारी मिलने पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई थी।
घटना की बाबत मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को दबोचकर जेल भेजा। विवेचना पूरी कर 11 नवंबर 2022 को आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। पीड़िता का बयान दर्ज होने के बाद गवाहों और सुबूतों को पेश करने का दौर चला।
इस मामले में अभियोजन की ओर से छह गवाहों और सुबूतों को पेश किया गया तो वहीं बचाव पक्ष महज एक ही गवाह पेश कर सका। तमाम गवाहों तथा सुबूतों के आधार पर न्यायालय ने सोमवार को चारों अभियुक्तों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी आरोपियों पर अलग-अलग कुल 3,95,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह रकम पीड़िता के मानसिक व चिकित्सीय पुनर्वास के लिए प्रदान किया जाएगा।
कई बार कर चुकी है जान देने का प्रयास
सामूहिक दुष्कर्म की शिकार पीड़िता कई बार जान देने की कोशिश कर चुकी है। कई दिनों पहले वह घर से गायब हो गई थी, जिसे फतनपुर पुलिस मुश्किल से खोज सकी।
पिता ने फैसले को सही ठहराया
पीड़िता के पिता ने सोमवार को आए फैसले को सही ठहराया। कहा, दोषियों को उनके किए की सजा मिल गई। अब वे आजीवन जेल में रहेंगे।
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पीड़िता की मां बोली, दरिंदगी करने वालों को होनी चाहिए फांसी
सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने की खबर मिलने के बाद पीड़िता की मां बोलीं,आरोपियों को फांसी की सजा होनी चाहिए थी। उन लोगों ने बेटी की जिंदगी बर्बाद करके रख दी। जो सजा मिली है, वह उनके गुनाहों के लिए कम है। हालांकि जल्दी फैसला आने पर संतोष भी जताया।
पुलिस का साक्ष्य संकलन भी पड़ा भारी
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के निर्देश पर देल्हूपुर पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में साक्ष्य जुटाए थे। वैज्ञानिक जांच के जरिये डीएनए टेस्ट भी कराया था, जो आरोपियों को सजा दिलाने में भारी पड़ा।
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हत्या के मामले में बसपा नेता मनोज तिवारी समेत तीन को राहत
प्रतापगढ़। अपर सत्र न्यायाधीश आलोक द्विवेदी की कोर्ट ने हत्या के मामले में महेशगंज थाना के तहेड़ा गांव के रहने वाले बसपा नेता मनोज तिवारी सहित तीन लोगों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। कुंडा के अघिया गांव के वादी मुकदमा मोहम्मद रिजवान ने पुलिस को बताया था कि 13 मई 2015 को उसके पिता एखलाख उसके ननिहाल पिथरी लाल गोपालगंज से घर आ रहे थे।
बाबूगंज बाजार से बिहारगंज मिलाने वाली सड़क पर पहुंचने पर तीन अज्ञात लोगों ने उसके पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस की विवेचना में महेशगंज थाना के तहेड़ा गांव के मनोज तिवारी, नबाबगंज थाना के अधियारी गांव के समीर उर्फ राजू व कुंडा थाना के बल्हियामऊ खुर्शीद अली के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया था।