बार-बार भूलने वाले लोग भी अब दिव्यांग की श्रेणी में आएंगे। जांच के बाद उन्हें सीएमओ कार्यालय से दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी जारी किया जाएगा। पहले दिव्यांगता की श्रेणी में सात तरह की बीमारियों को शामिल किया गया था। अब शासन ने यह संख्या बढ़ाकर 21 कर दी है। इसके बाद से सीएमओ कार्यालय में दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
आंख से कम दिखाई देने, मानसिक रोग, बीमारी के चलते हाथ-पैर कांपने, हीमोफिलिया जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अभी तक दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाता था। ना ही ऐसे लोगों को सरकारी नौकरियों या योजनाओं में किसी प्रकार की छूट मिलती थी। शासन की तरफ से पहले सात बीमारियों से पीड़ित लोगों को ही दिव्यांग मान जाता था। इसमें नेत्रहीन, बहरापन, गूंगापन, पोलियो पीड़ित, हाथ या पैर कटा होना या फिर हाथ-पैर का टेढ़ापन जैसी परेशानियों से पीड़ित लोगों का ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनता था।
केंद्र सरकार ने नए साल में इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया। अब 21 तरह की बीमारियों और परेशानियों से पीड़ित लोगों को दिव्यांग माना जाएगा। राज्यसभा और लोकसभा में पारित होने के बाद इसका सर्कुलर राज्य सरकारों को जारी कर दिया गया। शासन की तरफ से सीएमओ को भेजे गए पत्र में अब इन 21 तरह की बीमारियों से पीड़ित लोगों को दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया है।
इसमें आंखों से कम दिखाई पड़ना, कुष्ठ रोगी, कम सुनाई देना, हकलाना, कूबड़ निकलना, बौनापन, मानसिक रोगी, बार-बार भूलने की आदत, पागलपन, मांसपेशियों में दिक्कत, ब्रेनहैमरेज, हीमोफिलिया, चर्म रोग, एसिड से झुलसे लोगों को भी शामिल किया गया है। प्रमाण पत्र जारी होने के बाद ऐसे लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी नौकरी, बस और ट्रेन में रियायत मिलेगी। आदेश आने के बाद सीएमओ कार्यालय में इन दिनों प्रमाण पत्र बनवाने वालों की भीड़ उमड़ रही है। डॉक्टरों की टीम गहनता से परीक्षण करने के बाद ही ऐसे लोगों को दिव्यांग घोषित कर रही है।