महाविद्यालयों को एनएसएस की धनराशि अब चेक के माध्यम से नहीं मिलेगी। प्राचार्य और कार्यक्रमाधिकारी का संयुक्त खाता खुलवाना पड़ेगा। उसके बाद ही पैसे का भुगतान हो सकेगा।
राज्य विश्वविद्यालय ने इस बार लगभग दस से अधिक नई एनएसएस इकाइयां जिले में आवंटित की हैं। इस तरह कुल 65 कॉलेजों में एनएसएस इकाइयों को संचालित किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय के अनुसार लगभग 10 हजार छात्रों को एनएसएस का प्रशिक्षण इस वर्ष मिलेगा। विश्वविद्यालय ने इस बार एनएसएस के कुछ नियमों को बदल दिया है। महाविद्यालयों को पहले चेक से धनराशि प्राप्त होती थी। जिसमें इस बार बदलाव कर दिया गया है। अब धनराशि सीधे प्राचार्य और कार्यक्रमाधिकारी के संयुक्त खाते में जाएगी। विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को संयुक्त खाता खुलवाकर सूचना देने का निर्देश दिया है।
जिले में 1 से 15 फरवरी के बीच शिविर का आयोजन किया जाना है। विश्वविद्यालय के एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. उपेंद्र सिंह ने बताया कि कॉलेजों को सामान्य कार्यक्रम और विशेष शिविर के दो खाते खुलवाना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर धनराशि आवंटित नहीं होगी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की टीम शिविरों में औचक निरीक्षण के लिए पहुंच रही है। लखनऊ से क्षेत्रीय निदेशक और राज्य संपर्क अधिकारी की भी दो टीमें जिले में घूमकर निरीक्षण कर रही हैं।
तमाम कॉलेजों के कार्यक्रमाधिकारियों की नियुक्ति अभी तक नहीं हो सकी है। कोआर्डिनेटर ने बताया कि जल्द से जल्द कॉलेज कार्यक्रमाधिकारियों की नियुक्ति करा लें। नियुक्ति न होने पर कॉलेज की इकाई समाप्त हो जाएगी। नियुक्त कार्यक्रमाधिकारियों का पूरा डिटेल भी विश्वविद्यालय ने मांगा है। जिसमें उनके नियुक्ति की तिथि, उनका और प्राचार्य का नाम व मोबाइल नंबर विश्वविद्यालय को भेजना अनिवार्य है।