जिले के 14,459 वित्तविहीन शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। स्कूल भले ही बंद हैं, मगर प्रबंधकों ने उनके खाते में मानदेय की रकम भेजना प्रारंभ कर दिया है। इससे लॉकडाउन के दौरान उन्हें आर्थिक संकट का सामना नहीं करना होगा।
कोरोना महामारी से निपटने के लिए देश भर में 21 दिन के लॉकडाउन के चलते जिले के शिक्षण संस्थान बंद हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों के अध्यापकों का वेतन जारी करने के साथ ही वित्तविहीन शिक्षकों का मानदेय जारी करने को कहा था।
डीआईओएस ने पत्र जारी कर सभी कॉलेजों के प्रबंधकों को अविलंब मानदेय भुगतान करने को कहा था। जिले के अधिकांश स्कूलों और कालेजों के प्रबंधकों ने विपदा की घड़ी में वित्तविहीन शिक्षकों के खाते में मानदेय की रकम भेजना प्रारंभ कर दिया है। जिले में 14,459 वित्तविहीन शिक्षक हैं, जो डीआईओएस कार्यालय में पंजीकृत हैं।
हालांकि कक्षा एक से आठ तक वित्तविहीन शिक्षकों का आंकड़ा नहीं मिल पाया है। विभागीय जानकारों की मानें तो इतनी ही संख्या नर्सरी और कान्वेंट स्कूलों के वित्तविहीन शिक्षकों की है।
बीएसए अशोक कुमार सिंह ने बताया कि मान्यता प्राप्त स्कूलों के प्रबंधकों को पत्र लिखकर अविलंब मानदेय भुगतान करने को कहा गया है। डीआईओएस डा. सर्वदानंद ने बताया कि अधिकांश प्रबंधकों ने वित्तविहीन शिक्षकों के खाते में मानदेय भेज दिया है।