स्कूलों में बने शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है। यह खुलासा आगामी विधानसभा चुनाव में बूथ बनाए गए स्कूलों की सर्वे रिपोर्ट से हुआ है। चार दर्जन से अधिक बूथ ऐसे हैं जहां पर शौचालय हैं ही नहीं। उन बूथों पर मतदान के लिए लगे कर्मियों को दिक्कत होगी। बूथों पर व्यवस्था की जांच अभी भी जारी है।
इस बार विधानसभा चुनाव में कुल 2509 बूथ बनाए गए हैं। ज्यादा तर बूथ प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ ही पंचायत भवन या फिर आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाया गया हैं। मतदान के दिन उन बूथों पर मतदान कार्मिक सहित अन्य कर्मियों की तैनाती होती है। बूथ पर उनकी नियमित दिनचर्या के इंतजाम को लेकर प्रशासन गंभीर हुआ।
बूथों पर मतदानकर्मियों की सुविधा व अन्य व्यवस्थाओं की जांच के लिए सेक्टर अफसरों के साथ ही पुलिस को जिम्मेदारी दी गई। पोलिंग बूथों से जुड़े कुछ अफसरों ने अपनी रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपी है। जिसमें 204 बूथों पर बने शौचालयों के मरम्मत की जरूरत बताई गई है। शौचालयों में कई तरह की कमियां सर्वेक्षण अफसरों ने दर्शाई है। इतना ही नहीं अभी तक किए गए सर्वे में पाया गया है कि 56 बूथ ऐसे हैं जहां शौचालय हैं ही नहीं। उन सभी बूथों पर अविलम्ब शौचालय के व्यवस्था की संस्तुति भी की है। अभी अन्य बूथों के सर्वे का काम चल भी रहा है। जिला प्रशासन मतदानकर्मियों को हर असुविधा से बचाना चाहता है। सर्वे करने वाले सेक्टर अफसरों से चुनाव आयोग से मांगी गई 61 बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार कर देने के लिए निर्देश दिया गया है।