जिले के 13 ग्रामीण क्षेत्र के मार्ग ऐसे हैं, जिन पर परिवहन निगम की बसों का संचालन नहीं होता है। इसका फायदा निजी बस या फिर टेंपो चालक उठा रहे हैं। यात्रियों को डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ रहा है। जबकि शासन का आदेश है कि जिस मार्ग पर 30 से अधिक यात्रियों का आवागमन नियमित होता हो उस पर निगम की बसों का संचालन किया जाए।
प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर की सीमा पर मदाफरपुर बाजार है। मगर यहां से दोनों जिला मुख्यालय के लिए निगम बस सेवा नहीं है। इससे यात्रियाें को परेशान होना पड़ता है। जबकि इस बाजार से चार निजी बसों के साथ डग्गामार वाहनों का संचालन होता है। परिवहन निगम के सर्वे में इस तरह के 13 मार्ग को चिह्नित किया गया है। जिन पर बस की जरूरत होते हुए आज तक एक भी निगम की बस संचालन नहीं हो सका है। एआरएम अनवारुल हसन ने बताया कि प्रतापगढ़ और लालगंज डिपो को मिलाकर जिले में परिवहन निगम की 115 बसों का संचालन हो रहा है। इसमें कई मार्ग ऐसे हैं, जिन पर अबतक निगम की एक भी बसें नहीं संचालित होती है।
डग्गामार से करना पड़ता है सफर
दिलीपपुर निवासी अनुराग ने बताया कि इस मार्ग पर रोडवेज बस की दरकार है। डग्गामार वाहन से सफर करना पड़ता है जिससे खतरा भी रहता है और समय भी ज्यादा लगता है। चिलबिला निवासी शिक्षक राजेश कुमार ने बताया कि हर दिन बाइक से कुंडा जाना पड़ता है। निगम की बस नहीं होने के कारण 22 से 60 किमी का सफर तय करना पड़ता है।
इस मार्ग पर होगा संचालन
- प्रतापगढ़ से रानीगंज
- मंगापुर से प्रतापगढ़ वाराणसी
- मदाफरपुर से प्रतापगढ़
- पर्वतपुर से प्रतापगढ़ अयोध्या
- परियावा से प्रतापगढ़
- गोतनी से प्रतापगढ़
- हौदेश्वरनाथ से प्रयागराज
- तरौल से प्रतापगढ़ प्रयागराज
- कुंडा के कमासिन से अयोध्या
- रानीगंज के जगनीपुर से प्रयागराज
- बहुचरा से प्रयागराज
- दुर्गागंज से प्रतापगढ़ वाया रायबरेली
- प्रतापगढ़ से बादशाहपुर
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बोले अफसर
रूट चार्ट तैयार हो गया है। शासन के पास भेज दिया गया है। आदेश मिलते ही निगम की बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
रवींद्र सिंह, आरएम।