जनपद में अचानक मौसम ने फिर करवट ली है। बृहस्पतिवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। साथ ही तेज हवा चलती रही। इससे गेहूं की फसलों से नमी गायब होने लगी है। ऐसे में किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।
पिछले कई दिनों से मौसम साफ बना रहा। ठंडक में भी कमी आ आई थी, लेकिन बुधवार सुबह से आसमान में बादल छा गए। साथ ही तेज हवा चलती रही। इससे ठंड भी बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को भी मौसम जस का तस बना रहा। आसमान में बादल छाए रहे और हवा चलने से गलन बढ़ गई।
जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि हल्की बारिश हुई तो गेहूं ही फसल को फायदा पहुंच सकता है। फसल का विकास भी तेजी से होगा। हवा चलने से गेहूं की फसल पर प्रभाव पड़ सकता है। नमी खत्म होगी। बताया कि जनपद में कुल 1.14 लाख हेक्टेयर गेहूं की फसल बोई गई है। बारिश से सरसों, मटर व आलू की फसल पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा।
सदर विकासखंड के भंगवा निवासी किसान गुलजार अहमद का कहना है कि तेज हवा चलने से खेतों की नमी जल्द कम हो जाएगी। जिससे पैदावार कम होने की आशंका बनी रहती है। वहीं संडवाचंद्रिका के लोहंगी निवासी राम करन ने बताया कि तेज हवा चलने का असर फसल पर बुरा असर पड़ेगा।
सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री व न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के तापमान में कमी तो रात के तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। अगले 24 घंटे तेज हवा चलने का अनुमान है। साथ ही आसमान में बादल छाए रहेंगे।