तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को फरियादी के साथ जा रहे अधिवक्ता के साथ अभद्रता करते हुए बाहर निकालने को लेकर आक्रोशित अधिवक्ताओं ने डीएम-एसपी के पहुंचते ही हंगामा शुरू कर दिया। कुछ देर बाद में डीएम, एसपी के समझाने पर अधिवक्ता शांत हुए। जिसके बाद पीड़ितों की समस्याओं को सुनकर निराकरण का दौर प्रारंभ हो सका। समाधान दिवस में 324 शिकायती पत्र आए। इसमें आठ का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
शनिवार को कुंडा तहसील सभागार में डीएम डॉ. नितिन बंसल की अध्यक्षता में जनपदस्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। डीएम और एसपी के आने के पहले अधिवक्ता मुकेश कुमार एक फरियादी के साथ शिकायती पत्र लेकर एसडीएम के पास जा रहे थे। इस दौरान मुख्य द्वार पर खड़े लेखपाल ने उन्हें रोक लिया। इस पर विवाद होने लगा। लोगों ने वकील को खींचकर कक्ष से बाहर कर दिया।
इसी बीच डीएम डॉ. नितिन बंसल, एसपी सतपाल अंतिल समाधान दिवस में पहुंच कर शिकायतें सुनने लगे। उधर साथी के साथ अभद्रता की जानकारी होते ही अधिवक्ता भड़क गए और डीएम, एसपी के सामने ही हंगामा करने लगे। डीएम को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने मुख्य गेट पर लगे लेखपाल को हटाया। फिर वकीलों को समझाकर मामले को शांत कराया।
दरवाजे से लेखपाल के हटाए जाने के बाद डीएम ने फरियादियों की कतार लगवाकर सीधे शिकायती पत्र लेकर उनकी बात सुनी। शिकायतें सुनते हुए डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि समस्याओं का स्थलीय निरीक्षण कर निस्तारण करें। इस दौरान राजस्व विभाग की 112, पुलिस विभाग की 78, विकास विभाग की 58, समाज कल्याण की तीन, शिक्षा विभाग की चार, स्वास्थ्य विभाग की पांच और अन्य 64 शिकायतें आई।
डीएम ने आठ शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया। इस दौरान सीडीओ ईशा प्रिया, बीएसए सुधीर सिंह, एसडीएम सतीश चंद्र त्रिपाठी, तहसीलदार भानुप्रताप सिंह, सीओ अर्जुन सिंह, एबीएसए रतनलाल सहित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।