कबड्डी का दांवपेच सीखकर बेटियां खुद को गढ़ रही हैं। वह गर्मी में पसीना बहाकर मैदान फतेह करने की तैयारी में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर बेटियां मंडल और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में छाने को तैयार हैं।
मीराभवन स्थित स्टेडियम में कबड्डी कोच जय प्रकाश यादव के निर्देशन में बेटियां प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। खिलाड़ी प्रिंस प्रजापति, दीक्षा सिंह और अंशिका सिंह ने कबड्डी में खुद को साबित कर अन्य बेटियों को प्रेरणा दी।
खिलाड़ियों का कहना है कि खेल से आत्मविश्वास बढ़ता है और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। कोच जय प्रकाश यादव ने बताया कि मेहनत और अनुशासन के दम पर बेटियां कबड्डी में लगातार सफलता हासिल कर रही हैं।
वर्जन
सीनियर नेशनल, ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में हिस्सा ले चुकी हूं। इस समय ग्वालियर से (एलएनआईपीई) डिप्लोमा कर रही हूं। खेल कोच बनने की तैयारी कर रही हूं। प्रिंस प्रजापति।
यूपी से जूनियर नेशनल, सीनियर नेशनल व 2025 में सीनियर नेशनल कबड्डी कैंप में प्रतिभाग किया है। पढ़ाई के साथ ही हर दिन अभ्यास कर रही हूं। राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं की तैयारी में जुटी हूं। दीक्षा सिंह।
जूनियर नेशनल व सीनियर नेशनल खेलने के बाद इस समय अंडर-18 नेशनल कैंप शामिल हूं। इंडिया टीम के लिए ओलंपिक में पदक जीतना सपना है। - अंशिका सिंह।
वर्जन-
स्टेडियम में कबड्डी खिलाड़ियों के लिए सभी सुविधाएं मौजूद हैं। अभ्यास के लिए रबर मैट उपलब्ध है। बेटियां काफी मेहनत कर रही हैं। कई प्रतिभावान खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रही हैं। - पूनमलता राज, जिला क्रीड़ाधिकारी।
दीक्षा सिंह।- फोटो : 1
दीक्षा सिंह।- फोटो : 1