भले ही लोकसभा चुनाव में किसी भी सियासी दल से गठबंधन न होने के बाद जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने चुनाव से दूरी बनाते हुए कार्यकर्ताओं को अपने मन मर्जी से प्रत्याशी चुनने को कहा हो। लेकिन कौशाम्बी में भाजपा प्रत्याशी के विरोध और सपा के समर्थन का मंशा समर्थक समझ रहे थे, जिसका लाभ सपा को मिला।
भाजपा से तल्खियां तब और बढ़ गईं थी, जब कौशाम्बी सीट पर भाजपा प्रत्याशी विनोद सोनकर के समर्थन में कुंडा में आयोजित जनसभा में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया के बयान कुंडा किसी जागीर नहीं..., से चुनावी पारा चढ़ गया। उनके बयान से राजा भैया समर्थकों में खासी नाराजगी देखने को मिली। देखते ही देखते राजा भैया समर्थक कौशाम्बी व प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर सपा प्रत्याशी के पक्ष में उतर पड़े। अखिलेश की सभा में गए। यहां तक कि मतदान के दिन बूथ भी संभाला।
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के कार्यकर्ताओं और समर्थकों का साथ कौशाम्बी व प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर उतरे सपा प्रत्याशियों के लिए संजीवनी साबित हुए। प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर सपा प्रत्याशी डॉ. एसपी सिंह पटेल व कौशांबी से सपा के पुष्पेंद्र सरोज को एक लाख अधिक मतों से जीत मिली।