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Pratapgarh News: खान-पान में ही छिपा है मौत का राज

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लीलापुर थाना क्षेत्र के सगरासुंदरपुर में मां और उसके बेटे-बहू की मौत का राज अभी बना हुआ है। आशंका है कि जहरीला पदार्थ खाने से जान गई। लेकिन किस खाद सामग्री से जहर शरीर के अंदर पहुंचा। यह स्पष्ट नहीं हो पया। दूसरा यह कि मृतक को जहर दिया गया या फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए। फिलहाल पुलिस कई एंगल पर जांच कर रही है।
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बृहस्पतिवार को पुलिस ने चार घंटे तक मकान का कोना-कोना छाना। चार टीमें पड़ताल कर रही हैं। जमीन विवाद के चलते पड़ोसी और अंकित के करीबी एक झाड़फूंक वाले पर पुलिस की नजर है। अंकित के ससुराल वालों के अनुसार पड़ोस के राजकुमार व धर्मेंद्र पटवा से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
धर्मेंद्र पटवा व अंकित की मां आशा देवी ने मिलकर वर्ष 2011 में जगन्नाथ से बैनामा कराया था। तीनों के मौत की खबर मिलने पर धर्मेंद्र व राजकुमार के परिवार के लोग नजर नहीं आए। हालांकि, दोपहर करीब तीन बजे पुलिस धर्मेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी।
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इसके अलावा नागापुर तिलौरी निवासी एक झाड़फूंक करने वाले व्यक्ति की भी पुलिस तलाश करती रही। सूत्रों का कहना है कि अंकित को झाड़फूंक में बहुत भरोसा था। उसके हर आयोजन में झाड़फूंक करने के लिए वह व्यक्ति पहुंच जाता था। उसकी शादी में भी वह साये की तरह मौजूद था।
रात करीब आठ बजे अंकित ने उससे दस मिनट तक बातचीत भी की थी। पुलिस टीम उसकी तलाश करने लगी तो उसकी लोकेशन गैरजनपद में मिली। बताते हैं कि पांच माह के बेटे कार्तिक के दोनों हाथ, पैर व गले में काला धागा भी झाड़फूंक करने वाले ने बंधवाया था।
हर कोई हैरत में : दुकानदार अंकित का व्यवहार बेहद मिलनसार था। वह हर दिन सुबह करीब साढ़े पांच बजे दुकान खोल देता था। उसकी मां व पत्नी भी दुकान देखती थीं। आसपास के लोग भी उनके व्यवहार से खासे खुश रहते थे। बृहस्पतिवार को जैसे ही पता चला कि अंकित, उसकी मां आशा व पत्नी रिया की रहस्यमय मौत हो गई है। हर कोई घटनास्थल की ओर भागा। देखते ही देखते आठ बजे तक सैकड़ों लोगों का हुजूम एकत्र हो गया था।
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