कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन की दहशत के बाद भी सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया जा रहा है। अधिकांश सरकारी कार्यालयों से कोरोना हेल्प डेस्क गायब है। लोग मॉस्क लगाने से भी परहेज कर रहे हैं।
एसपी कार्यालय, डीएम कार्यालय, सदर तहसील, कचहरी, रेलवे स्टेशन, विकास भवन, बीएसए कार्यालय, सदर ब्लॉक, रोडवेज बस स्टैंड, भंगवाचुंगी स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना है। कोरोना के नए अवतार ओमिक्रॉन के खतरे के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगों को मॉस्क लगाने, समय-समय पर हाथ सैनिटाइज करने की सलाह दे रही है।
लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। इसके बाद भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं। सरकारी कार्यालयों में फरियादी भीड़ लगाकर खड़े रहते हैं। किसी के चेहरे पर मॉस्क नहीं रहता है।
क्या है कोरोना हेल्प डेस्क
दो वर्ष पहले शासन के निर्देश पर सभी शासकीय कार्यालय, सार्वजनिक स्थलों पर कोरोना हेल्प डेस्क स्थापित की गई थी। इस हेल्प डेस्क पर लोगों के नाम रजिस्टर पर अंकित कर थर्मल स्क्रिनिंग करने के बाद मॉस्क लगाने की सलाह दी जाती थी। विकास भवन, रेलवे स्टेशन पर पहले से बनी कोरोना हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों की तैनाती हो गई है, लेकिन अन्य जगहों पर सिर्फ हेल्प डेस्क का पोस्टर ही चस्पा है।