फर्जी अभिलेख लगाकर नौकरी करने वाले डिग्री कालेज के शिक्षकों का सत्यापन होगा। शासन ने डिग्री कालेजों में तैनात शिक्षकों के मूल अभिलेखों का सत्यापन करने का डीएम को निर्देश दिया है। आदेश मिलने के बाद डीएम ने जांच के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है।
जिले में चार राजकीय व सात अनुदानित कालेज संचालित हो रहे हैं। इन कालेजों में तैनात शिक्षकों की नियुक्तियों की जांच की जाएगी। इस दौरान मूल अभिलेखों के साथ शिक्षकों को उ
पस्थित होना होगा। शासन ने 31 जुलाई तक सभी कालेजों के शिक्षकों के अभिलेखों का सत्यापन पूरा करने का निर्देश दिया है। शासन का आदेश के बाद डीएम डॉ. रुपेश कुमार ने एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। कमेटी में सदस्य के रूप में राजकीय महाविद्यालय मंगरौरा के प्राचार्य डॉ. जयशंकर मिश्र व राजकीय पीजी कालेज रानीगंज के प्रोफेसर डॉ. विजय कुमार मिश्र को शामिल किया गया है।
जानकारी देने वाले का नाम रखा जाएग गुप्त
किसी भी शिक्षक की नियुक्ति में शंका होने या किसी प्रकार की जानकारी होने पर कोई भी व्यक्ति टीम को जानकारी दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
पीबीपीजी में आज होगा सत्यापन
महाविद्यालयों का निर्देश दिया गया है कि वह कार्यरत समस्त शिक्षकों के अभिलेखों का स्वयं सत्यापन करते हुए उसकी प्रमाणित छायाप्रति एवं मूल अभिलेखों के साथ टीम के समक्ष उपस्थित होंगे। पीबीपीजी कालेज को 13 जुलाई, एमडीपीजी को 15, एमएम पीजी कालेज कालाकांकर, बजरंग महाविद्यालय कुंडा को 17 जुलाई व हेमवती नंदन बहुगुणा पीजी कालेज लालगंज, राजेश्वर सेवाश्रम डिग्री कालेज ढिढुई व पीजी कालेज पट्टी को 20 जुलाई को रिपोर्ट देनी होगी।
डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय समिति का गठन डिग्री कालेजों के शिक्षकों की नियुक्ति संबंधी अभिलेखों की जांच के लिए किया गया है।
मोहनलाल गुप्ता, एसडीएम सदर।
तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। शिक्षक की उपस्थिति के साथ उनके अभिलेखों की जांच कर रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी।
डॉ. जयशंकर मिश्र, सदस्य।