एक तरफ कई बेघर आवास पाने के लिए सरकारी महकमों के चक्कर काट रहे हैं तो दूसरी तरफ शहर में 14 साल पहले तैयार हुए कांशीराम कॉलोनी के 108 आवास आवंटन के इंतजार में खंडहर होते चले गए। जिन्हें आवास मिला, वह भी सुविधाएं न होने के कारण दूरी बनाए हुए हैं।
नगर पंचायत कटरामेदनीगंज में करीब 14 वर्ष पूर्व कांशीराम काॅलोनी में 108 कमरों का तीन ब्लॉक बनवाया गया। इसमे से 19 बुजुर्गों के लिए नीचे के कमरों को आरक्षित रखा गया। काफी मशक्कत के बाद 89 नागरिकों को आवास आवंटित किया गया लेकिन रजिस्ट्री नहीं हुई। कॉलोनी में बिजली व पानी मयस्सर न होने के कारण आवंटन के बाद भी लोगों ने कॉलोनी से दूरी बना रखी है। खिड़की दरवाजे तक चोरी हो चुके हैं।
प्रदेश में बसपा के बाद बनीं सरकारों ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर ध्यान नहीं दिया। न तो इन आवासों को जरूरतमंद बेघरों को दिया गया और न ही इनमें बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाएं दी गईं, जबकि समय-समय पर इन आवासों को जरूरतमंदों को आवंटित करने की मांग उठती रही है।