चिलबिला में डीएफओ कार्यालय स्थित 25 हेक्टेयर वन क्षेत्र में 5.52 करोड़ रुपये की लागत से 31 मार्च तक जैव विविधता पार्क तैयार होना था। लेकिन, अभी तक आधा-अधूरा ही काम हो पाया है।
वहीं, बंबू हट का निर्माण भी अधूरा है। बृहस्पतिवार को पड़ताल के दौरान वेटलैंड भी तैयार नहीं मिला। नाले का रॉक फिल्टर भी अधूरा है। 2025 में बजट के अड़ंगे के चलते करीब आठ माह तक पार्क का काम बंद था। ऐसे में निर्धारित समय पार्क को तैयार करना अफसरों के लिए चुनौती होगा।
जैव विविधता पार्क के करीब 20 हेक्टेयर क्षेत्रफल का समतलीकरण होना था लेकिन अभी तक सात हेक्टेयर क्षेत्रफल का समतलीकरण बाकी है। जिस कारण पार्क वन्य जीवों के रहने योग्य नहीं बन सका है। पांच हेक्टेयर क्षेत्रफल में लोगों टहलने के लिए पाथवे का निर्माण कार्य 40 फीसदी तक ही पूरा हो सका है।
बेल्हा देवी नर्सरी, हर्बल पार्क, नक्षत्र व नवग्रह वाटिका, सेंटेड पार्क एवं बटर फ्लाई पार्क का निर्माण भी कागजों तक ही सीमित है। बीते साल तत्कालीन डीएफओ जेपी श्रीवास्तव के निर्देश पर वन क्षेत्र में जेसीबी की मदद बट सागौन के वृक्षों को काटकर कुछ हेक्टेयर क्षेत्र का समतलीकरण कराया गया। उन जगहों पर जाली लगाकर पौधे रोपे गए लेकिन हजारों पौधे पार्क में राेपे जाने शेष हैं।