संपत्ति का ब्योरा न देने पर तीन हजार अफसरों, डॉक्टरों और कर्मचारियों का वेतन रोक दिया गया है। जनवरी का वेतन न मिलने पर अफसर और कर्मचारी ट्रेजरी कार्यालय की दौड़ लगा रहे हैं।
शासन ने सभी विभागों को पत्र जारी कर निर्देश दिया था कि राज्य कर्मचारियों (प्रथम से लेकर चतुर्थ श्रेणी) को अपनी संपत्ति (चल और अचल) का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर 31 जनवरी 2026 तक अपलोड करना था। यह कदम अवैध संपत्ति निर्माण रोकने, प्रशासन में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए उठाया गया। हालांकि इसके पूर्व भी संपत्तियों का विवरण मांगा जा चुका है लेकिन इस बार शासन ने अंतिम तिथि तक विवरण देने की बात कही। जिसे सख्ती से लागू किया गया।
ट्रेजरी कार्यालय से करीब 10 हजार (अफसर, कर्मी) का वेतन जारी होता है। बावजूद इसके तीन हजार लोगों ने संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं किया। इनके वेतन पर रोक लगा दी गई। वरिष्ठ कोषाधिकारी अनामिका सिंह ने बताया कि विभागों से संपत्ति का विवरण अपलोड न करने का कारण पूछा जा रहा है। संपत्ति का विवरण न देने वालों का वेतन रोका गया है।
फरवरी का भी रुक सकता है वेतन
ट्रेजरी कार्यालय से अफसर और कर्मचारियों को जल्द से जल्द संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करने की सलाह दी जा रही है ताकि फरवरी माह का वेतन बाधित न होने पाए। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज न करने पर वेतन जारी नहीं किया जाएगा। लापरवाही पर प्रोन्नति रोकने के साथ विभागीय जांच भी शुरू की जा सकती है।
पुलिस विभाग विवरण अपलोड करने में टॉप पर
पुलिस विभाग के करीब 700 कर्मियों ने समय से ऑनलाइन पोर्टल पर विवरण अपलोड कर दिया था। विभाग के शत-प्रतिशत कर्मियों का जनवरी का वेतन जारी किया गया। जबकि विकास भवन से लेकर स्वास्थ्य विभाग तक कर्मचारी और अफसरों ने संपत्ति का विवरण नहीं दिया है।
सबसे ज्यादा प्रभावित कौन
तृतीय श्रेणी- 2100
चतुर्थ श्रेणी- 800
द्वितीय श्रेणी- 80
प्रथम श्रेणी- 20