मार्च 2027 के बाद मेडिकल कॉलेज के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए प्रयागराज के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में बेड पर ही इलाज के साथ जांच की सुविधा मिलेगी। यहां वर्तमान में 15 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 45 किया जाएगा। वार्ड को ट्रॉमा सेंटर के रूप में विकसित कर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।
प्राचार्य डॉ. देवजीत शर्मा ने बताया कि नई इमरजेंसी को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा। प्रत्येक जोन में 15-15 बेड होंगे। सबसे गंभीर मरीज को रेड जोन में, सामान्य गंभीर को येलो और कम गंभीर को ग्रीन जोन में रखा जाएगा।
स्थिर होने के बाद मरीज को जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा। इमरजेंसी में दो अत्याधुनिक वेंटिलेटर, सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम, ट्रॉमा केयर यूनिट और 24 घंटे ईसीजी मॉनिटर की सुविधा होगी।
इसके लिए शासन से करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई है। सभी वार्डों में दिसंबर तक ईसीजी मशीन उपलब्ध करा दी जाएगी। इससे बेड पर ही जांच हो सकेगी।