आज से शुरू हो जाएगा सौ बेड का अस्पताल, गूंजेगी किलकारी
प्रतापगढ़। जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। महिला अस्पताल में आने वाली प्रसव पीड़िताओं को अब बेड का अभाव बताकर डॉक्टर रेफर नहीं कर सकेंगे। प्रसव पीड़िता या फिर प्रसूताओं को जमीन पर नहीं लेटाया जाएगा। बनकर तैयार पांच मंजिला सौ बेड के वार्ड में महिला अस्पताल को शिफ्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को पूजापाठ के बाद अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा।
जिला महिला अस्पताल का एसएनसीयू, इमरजेंसी और लेबररूम के साथ ओपीडी पूरी तरह जर्जर हो गया था। इसके गिरने का खतरा बना था। बीते शुक्रवार को बरसात के चलते एसएनसीयू, ओटी और लेबर रूम की छट फट गई। प्लास्टर टूटकर गिरने लगा। वार्ड में पानी आने लगा। एसएनसीयू में भर्ती नवजात और ओटी के साथ लेबर रूम में प्रसव पीड़िताएं बाल-बाल बची थीं। सीएमएस ने इसकी जानकारी सीएमओ और डीएम को दी थी। सीएमओ ने जेई के साथ अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद एसएनसीयू में भर्ती नवजातों को प्रयागराज रेफर करवा दिया। ओटी रुम को लॉक करा दिया। सीएमओ ने इसकी जानकारी शासन को दी। शासन ने महिला अस्पताल के पीछे निर्माणाधन सौ बेड के अस्पताल में दो दिनों के अंदर महिला अस्पताल शिफ्ट कराकर एसएनसीयू और ओटी के साथ इमरजेंसी में आने वाली प्रसव पीड़िताओं को भर्ती करने का आदेश दिया। शासन के आदेश के बाद सीएमओ एके श्रीवास्तव, जेई आरएन यादव व सीएमएस रीना प्रसाद ने निर्माणाधीन सौ बेड के अस्पताल का निरीक्षण किया। इसके बाद जर्जर महिला अस्पताल के एसएनसीयू, ओटी और लेबर रूम के साथ दवा स्टोर को सौ बेड के अस्पताल में शिफ्ट कराने में जुट गए। सीएमएस रीना प्रसाद ने बताया कि निर्माणाधीन सौ बेड के अस्पताल में शुक्रवार से किलकारी गूंजने लगेगी। डीएम, सीएमओ नए अस्पताल में पूजापाठ करेंगे। इसके बाद अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
कांच का गेट और खिड़की में अब तक नहीं लग सका पर्दा
निर्माणाधीन सौ बेड के अस्पताल में 32 एसी कार्यदायी संस्था को लगवानी थी, मगर अभी तक एक भी एसी कार्यदायी संस्था ने नहीं लगवाई है। इतना ही नहीं कांच के गेट और खिड़की वाले इस अस्पताल में पर्दा तक नहीं लगाया गया है। शुक्रवार को प्रसव पीड़िताओं को यहीं भर्ती किया जाएगा और प्रसव भी यहीं पर कराया जाएगा।
महिला अस्पताल का लेबर रूम, ओटी और एसएनसीयू जर्जर हो गया है। ओटी और एसएनसीयू को बंद कर दिया गया। शासन ने निर्माणाधीन सौ बेड के अस्पताल में महिला अस्पताल को शिफ्ट करने का आदेश दिया है। शासन के आदेश पर शिफ्ट किया जा रहा है। शुक्रवार से नए भवन में अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा।
रीना प्रसाद, सीएमएस, जिला अस्पताल।
सौ बेड का अस्पताल अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है। निर्माण कार्य चल रहा है। दो तल तैयार हैं। कार्यदायी संस्था से दो तल ही मांगे गए हैं। तैयार होने के बाद भवन को हैंडओवर कार्यदायी संस्था करेगी। तब पूरे भवन में महिला अस्पताल का संचालन किया जाएगा।
डॉक्टर अरविंद कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ।