ग्राम पंचायतों में हैंडपंप का मरम्मत, रीबोर किए बिना धनराशि का भुगतान कर लिया गया है। हैंडपंप से पानी न मिलने पर ग्रामीण भीषण गर्मी में पेयजल संकट से परेशान हैं।
विकासखंड बाबा बेलखरनाथ स्थित 78 ग्राम पंचायतों में हैंडपंप मरम्मत और रीबोर के लिए धनराशि जारी की गई। कागजी कोरम पूरा कर धनराशि का जिम्मेदारों ने बंदरबांट कर लिया। फर्जी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को प्रेषित कर दिया गया। ग्रामीणों की शिकायत पर की जा रही जांच भी महज फर्जअदायगी बनकर रह गई है।
78 ग्राम पंचायतों में 150 हैंडपंपों की मरम्मत की मांग है। प्रधान और पंचायत सचिव के आपसी खींचतान के कारण भी मरम्मत और रीबोर का कार्य प्रभावित हो रहा है। ज्यादातर हैंडपंपों की पाइप लीकेज होने से मिट्टी-बालू पानी के साथ आ रहा है। इस पानी के सेवन से लोग बीमार हो सकते हैं। एक पाइप बदलने के नाम पर ग्राम पंचायतों से 28-28 हजार रुपये निकाले जा रहे हैं।
फर्म को थोड़ा-बहुत पैसा देने के बाद प्रधान, पंचायत सचिव और जेई एमआई अपने हिस्से की धनराशि ले लेते हैं। ब्लॉक दिवस से लेकर समाधान दिवस तक ग्रामीण हैंडपंप रीबोर और मरम्मत कराए जाने की शिकायत कर रहे हैं। बावजूद इसके शिकायतों की सुनवाई नहीं हो रही है। सांगा पट्टी के नंदईपुर निवासी छैल यादव ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय के समीप लगा हैंडपंप पानी नहीं दे रहा है।
सांगा पट्टी के राजेश यादव, दुखियापुर के कोटेदार दिनेश तिवारी, प्रमोद तिवारी ने हैंडपंप रीबोर के लिए छह माह से शिकायत कर रहे हैं। सीडीओ डॉ. दिव्या मिश्रा ने बताया कि हैंडपंप मरम्मत और रीबोर के लिए अधिकारियों को आदेश दिया गया है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।