नगर कोतवाली पुलिस गुंडई पर उतारू हो गई है। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में शुक्रवार को तहरीर देने गए भाजयुमो काशी क्षेत्र के महामंत्री वरुण प्रताप सिंह के साथ कोतवाल और सिपाहियों ने मारपीट की।
उन्हें धक्का देने के साथ ही घंटेभर से अधिक समय तक कोतवाली में बैठाए रखा। जिसे लेकर कोतवाली में काफी देर तक हंगामा होता रहा। खबर मिलने पर सीओ सिटी और एएसपी पूर्वी भी मौके पर पहुंचे। भाजयुमो नेताओं से बातचीत के बाद अफसर मामले को रफा-दफा करने जुटे रहे।
डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले को लेकर भाजपा के जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र व मीडिया प्रभारी राघवेंद्र शुक्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए शुक्रवार की शाम भाजयुमो नेता सुुनील दुबे अपने साथी पंकज व अभिषेक के साथ प्रार्थना पत्र लेकर कोतवाली गए थे।
इस दौरान नगर कोतवाल प्रवीण कुशवाहा ने सुनील दुबे के लेटर हेड पर प्रार्थना पत्र मांगा। इसकी जानकारी मिलने पर भाजयुमो के काशी क्षेत्र के महामंत्री वरुण सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने कोतवाल से सवाल किया कि क्या तहरीर देने के लिए लेटर हेड जरूरी है। इसे लेकर पुलिस व भाजयुमो नेताओं के बीच कहासुनी होने लगी। वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मी भाजयुमो नेता को धक्का देने लगे।
इसे लेकर हंगामा हो गया। वरुण प्रताप का आरोप है कि नगर कोतवाल व सिपाहियों ने उनके और सुनील दुबे के साथ मारपीट की और उन्हें कार्यालय में बैठा दिया। मोबाइल भी छीन लिया। मामले की जानकारी मिलते ही सीओ सिटी अभय पांडेय भागकर कोतवाली पहुंचे और मामले को शांत कराया। कुछ देर में भाजयुमो कार्यकर्ताओं के साथ अधिवक्ता भी कोतवाली पहुंचने लगे। हंगामे की खबर पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद ने भी मौके पर पहुंच कर जानकारी ली। इस मामले को लेकर काफी देर तक कोतवाली में हंगामा चलता रहा। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि डिप्टी सीएम के खिलाफ तहरीर लेकर पहुंचे भाजयुमो नेता ने सिपाही से अभद्रता करते हुए मारपीट की। जिसे लेकर पुलिसकर्मियों व भाजपा नेताओं के बीच धक्कामुक्की हुई थी। हालांकि अब उनके बीच समझौता हो गया है।
अपने कारनामों से पहले भी चर्चा में रहा है विवादित कोतवाल
नगर कोतवाल प्रवीण कुशवाहा अपने कारनामों को लेकर पहले भी विवादों में रहा है। उसकी बदमिजाजी संग्रामगढ़ थाने में तैनाती के दौरान भी सामने आई थी। फरियादी पर सिगरेट के धुएं उड़ाने के मामले को लेकर उसने पुलिस विभाग की खासी किरकिरी कराई थी। मारपीट की घटना के बाद बवाल की खबर पर पहुंचने के बाद इंस्पेक्टर प्रवीण कुशवाहा पीड़ित के ऊपर ही सिगरेट के धुएं का छल्ला उड़ाता रहा। उसके इस व्यवहार से वहां के लोग हैरत में पड़ गए थे। इस मामले में उसे निलंबित कर दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही बहाल करते हुए ईनाम के रूप में नगर कोतवाली की कमान दे दी गई। कोहड़ौर व मानधाता थाने में भी थानाध्यक्ष के रूप में तैनाती के दौरान चर्चा में रहा।
जनता की समस्याओं को अनसुना करने का उस पर आरोप लगता रहा। अब नगर कोतवाली में भी अपने कारनामों को लेकर वह चर्चा में है। हालांकि अफसर इससे इत्तेफाक नहीं रखते। शुक्रवार को कोतवाली में भाजयुमो नेता के साथ हुई मारपीट में अफसर उसका बचाव करते रहे। पुलिस विभाग के मीडिया सेल से यह दावा किया जाता रहा कि घटना के वक्त वह कोतवाली में मौजूद नहीं था और सिपाहियों के साथ धक्कामुक्की हुई थी। पुलिस के अफसर भी यह कहते रहे कि भाजयुमो नेताओं ने ही सिपाहियों से धक्कामुक्की की।
भाजयुमो नेता बोले, कोतवाली की सीसीटीवी फुटेज दिखाएं
कोतवाली में हुए विवाद से भाजयुमो काशी प्रांत के महामंत्री वरुण प्रताप सिंह खिन्न हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्र की साजिश पर उनके व साथियों के साथ अभद्र व्यवहार कोतवाली पुलिस ने किया है। यदि पुलिस उन पर सिपाहियों से मारपीट का आरोप लगा रही है तो कोतवाली का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक कर दिया जाए। पुलिस ने दबाव डालकर उनसे सुलहनामा लिखवा लिया।
कोतवाली पुलिस पहले भी कर चुकी है क्षेत्रीय विस्तारक की पिटाई
भाजपा सरकार में ही कोतवाली पुलिस पहले भी काशी प्रांत के विस्तारक की पिटाई कर चुकी है। हमेशा बेलगाम रहने वाली कोतवाली पुलिस उस समय भी भाजपा कार्यालय के सामने जाम के दौरान विस्तारक को पीटते हुए कोतवाली ले गई थी। तत्कालीन सीओ सिटी रवि सिंह भी कोतवाल के साथ मौजूद थे। जिसे लेकर कई दिनों तक बवाल मचा था। बाद में विस्तारक की पिटाई के मामले में सीओ व कोतवाल पर कार्रवाई का डंडा चला था। उस समय भी पार्टी के कार्यकर्ता दो गुटों में नजर आए थे। विस्तारक की पिटाई के मामले में वरुण प्रताप सिंह व पूर्व भाजपा केे जिलाध्यक्षों ने आवाज बुलंद की थी। यहां तक कि कोतवाली में भाजपा नेताओं को धरना तक देना पड़ा था।
नगर कोतवाली में भाजयुमों के काशी प्रांत महामंत्री से विवाद के बाद लगी भीड़।- फोटो : PRATAPGARH