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Pratapgarh News: मासूमों को भी पाप का भागीदार बनाता था नशीले पदार्थों का सौदागर

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तस्करी के धंधे से साम्राज्य खड़ा करने वाला आरोपी राजेश मिश्रा कारोबार में बच्चों का भी इस्तेमाल करता था। आठ माह पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उसकी बेटी गेट की जाली से दो बच्चों के हाथ मादक पदार्थ ग्राहक को भेजकर रुपये मंगाती नजर आई। बावजूद इसके पुलिस हरकत में नहीं आई।
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नशीले पदार्थों की तस्करी और गैंगस्टर के आरोपी राजेश मिश्रा की पीठ पर राजनीति के कुछ रसूखदारों का हाथ है। सूत्रों के अनुसार उसके जेल जाने के बाद भी मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुंदीपुर गांव स्थित उसके घर से कारोबार संचालित होता रहा। दो दिनों पहले हुई छापामारी में इसकी पुष्टि हुई।
लोगों का कहना है कि वह प्रदेश के दूसरे जनपदों में मादक पदार्थों की बिक्री करने लगा तो घर से धंधे की कमान उसकी पत्नी रीना ने संभाल ली। वह चिह्नित लोगों को थोक व फुटकर गांजा व स्मैक उपलब्ध कराती थी। इसमें उसका बेटा विनायक और बेटी कोमल भी हाथ बंटाते थे। तस्कर परिवार ने लालच देकर आसपास के करीब आठ-दस बच्चों को अपने काम में लगा रखा था।
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तस्कर राजेश मिश्रा के घर दबिश के दौरान पुलिस ने पत्नी रीना मिश्रा, बेटे विनायक , बेटी कोमल के मोबाइल कब्जे में ले लिए हैं। कुछ साक्ष्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं। फिलहाल, एसपी दीपक भूकर ने साफ कहा है कि जल्द ही मानिकपुर टू के जरिये अहम खुलासा होगा।

करीब दस साल पहले बोरियों में भरे नोट मिले
प्रतापगढ़। राजेश के मकान में 12 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिनसे वह आने-जाने वालों पर नजर रखता था। दूसरी मंजिल पर अलग से कमरा है। इसमें रुपये व मादक पदार्थ रखे जाते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान मिले रुपयों में धूल जमी थी। नोटों से भरीं बोरियों व पैकेटे से निकलने वाली दुर्गंध से पुलिसकर्मियों को सांस लेने में मुश्किल रही थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब दस साल पहले नोटों के बंडल बोरियों में रखे गए होंगे। एएसपी पश्चिमी बृजनंदन राय ने बताया कि जांच चल रही है। जल्द ही मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी।
सवालों के घेरे में पुलिस



. होमगार्ड की तैनाती, पुलिस पिकेट...फिर धंधा चालू
प्रतापगढ़। आरोपी राजेश मिश्रा के घर की निगरानी के लिए होमगार्ड की ड्यूटी लगाई गई थी। मुंदीपुर के लोगों का कहना है कि गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद निगरानी के लिए पुलिस की पिकेट भी मकान के बाहर लगाई गई थी। इसके बाद भी मादक पदार्थों की बिक्री बंद नहीं हो सकी।


सीओ व थानेदार से पहले पहुंचा दरोगा

प्रतापगढ़। इलाके में इस बात की चर्चा है कि सीओ, आबकारी अधिकारी और 33 पुलिसकर्मियों के पहुंचने से पहले ही एक दरोगा तस्कर के पैतृक मकान पर पहुंच गया। वह अपने साथ कुछ सामान भी ले गया। हालांकि, एएसपी पश्चिमी बृजनंदन राय ने ऐसी संभावना से इन्कार किया है।
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