बकाएदारों को सरचार्ज माफी योजना रास नहीं आ रही है। वह बिल जमा करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। ओटीएस योजना को शुरू हुए 22 दिन हो गए हैं, मगर पंजीकरण की संख्या निराशाजनक है। दो लाख 16 हजार बकाएदारों के सापेक्ष अभी तक सिर्फ साढ़े छह हजार बकाएदारों ने ही पंजीकरण कराया है।
जिले के चार डिवीजन के 67 उपकेंद्रों के तहत कुल पांच लाख उपभोक्ता हैं। इनमें बकाएदारों की एक लंबी फौज है। दो लाख 16 हजार बकाएदार हैं। सरकारी विभाग, कामर्शियल व घरेलू उपभोक्ताओं को मिलाकर कुल चार अरब रुपये का बिल बकाया है। बिजली विभाग बकाएदारों से बिल वसूलने के लिए सारे जतन कर चुका है, लेकिन बकाएदार बिल जमा करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। बकाएदारों की सहूलियत के लिए विभाग की ओर ओटीएस योजना की शुरुआत की गई।
31 मई से यह योजना चल रही है। विभाग की टीम ने प्रचार-प्रसार के जरिए बकाएदारों को जागरूक किया। जिससे बिल जमाकर वे सरचार्ज माफी योजना का लाभ उठा सकें, मगर इसके बाद भी बकाएदार योजना का लाभ लेने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। वह बिल जमा करने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। 2 लाख 16 हजार बकाएदारों के सापेक्ष महज साढ़े छह हजार बकाएदारों ने ही पंजीकरण कराया है।
पंजीकरण काउंटर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। ऑनलाइन पंजीकरण की संख्या में भी इजाफा नहीं हो रहा है। इसे लेकर विभागीय अधिकारी भी चिंतित हैं। अधीक्षण अभियंता सतपाल ने बताया कि बकाएदारों को योजना का लाभ उठाना चाहिए। वे किस्त में बिल जमा कर सकते हैं। अभी तक सिर्फ तीन प्रतिशत बकाएदारों ने ही पंजीकरण कराया है।