बैंकों को ऑनलाइन तो कर दिया गया है, मगर नेटवर्किंग की दशा इतनी खराब है कि महीने में पंद्रह दिन सर्वर ही डाउन रहता है। इससे न तो शाखाओं में लेन-देन होता है, और न ही एटीएम से भुगतान मिल पाता है। यह समस्या सिर्फ गांव की बैंकों में ही नहीं है, बल्कि शहर की शाखाओं में भी बरकरार है।
जिले की राष्ट्रीयकृत और निजी बैंकों को ऑनलाइन करने से जहां सुविधाएं बढ़ी हैं, वहीं ग्राहकों की मुसीबतें भी कम नहीं हुई हैं। शहर से गांव तक की शाखाओं में आए दिन नेटवर्क गायब रहता है। इससे लेन-देन जहां ठप हो जाता है, वहीं शहर की शाखाओं में आए दिन ग्राहकों को जलालत झेलनी पड़ती है। शहर के एसबीआई की मुख्यशाखा में मंगलवार को सर्वर डाउन होने के कारण लेन-देन नहीं हुआ। बैंक ऑफ इंडिया में एक सप्ताह से सर्वर डाउन है, इससे ग्राहकों को रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। सोमवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं में सर्वर डाउन रहा। इससे ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में सर्वर डाउन होने से ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच आए दिन झिक-झिक होती रहती है। संडवा चंद्रिका इलाके के बैंक ऑफ बड़ौदा पूरबगांव में एक सप्ताह से सर्वर डाउन होने से लेनदेन ठप हो गया है। बीओबी अंतू, बडौदा उप्र ग्रामीण बैंक संडवा चंद्रिका, एसबीआई पश्चिम गांव महज उदाहरण है। जिले में 324 शाखाएं हैं, जहां आए दिन सर्वर डाउन रहने से ग्राहकों को रुपये जमा करने और निकालने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है।
फेल हुआ बी-सेट, खोज रहे नई व्यवस्था
बैंकों का नेटवर्क गायब होने पर वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अधिकांश शाखाओं को बी-सेट उपकरण दिया गया है। मगर यह बैंकों में काम नहीं कर रहा है। बैंक अधिकारियों की मानें तो जल्द ही नया विकल्प खोजा जा रहा है।
दो महीने से खाली है एलडीएम की कुर्सी
एलडीएम की कुर्सी दो माह से खाली पड़ी है। जिले में तैनात रहे एएन सिंह का तबादला इलाहाबाद के लिए हो गया है। हीरागंज बीओबी में तैनात रहे करन कटियार को एलडीएम पद पर तैनाती दी गई है, मगर उनके अभी तक ज्वाइन नहीं करने से अनिल कुमार अतिरिक्त प्रभार देख रहे हैं।
सर्वर डाउन होना आम समस्या हो गई है। शहर और ग्रामीण इलाके में स्थित शाखाओं में आए दिन इस तरह की समस्या झेलनी पड़ रही है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बी-सेट दिया गया है, तो पूरी तरह काम नहीं कर पाता है।
सुनील कुमार, उप शाखा प्रबंधक, एसबीआई