शहर की सब्जीमंडी की सड़क पर चलना भगवान भरोसे है। सुबह 10 बजे से रात 8 बजे के बीच अगर कोई चारपहिया वाहन लेकर इधर से निकल गया तो फिर सौ मीटर की दूरी तय करने में उसे घंटों का समय लग जाता है।
पंजाबी मार्केट के करीब ही सब्जीमंडी है। यहां थोक और फुटकर दोनों ही तरह की सब्जियां बेची जाती हैं। पंजाबी मार्केट से सिनेमा रोड व कचहरी की ओर निकलने वाली सड़क पर कपड़ा समेत अन्य सामानों की दुकानें हैं। शहर के साथ ही ग्रामीणांचल से खरीदारी करने के लिए लोग सब्जीमंडी में ही पहुंचते हैं। करीब चार मीटर चौड़ी इस सड़क की नाली, पटरी के साथ सड़क पर भी दुकानदाराें का कब्जा रहता है।
दुकानदाराें की मोटर साइकिलें भी सड़क पर ही खड़ी होती हैं। दोनाें ओर से कब्जे के कारण करीब दो मीटर से कम सड़क लोगों के चलने के लिए बचती हैं। इस सड़क की पटरियों पर सब्जी बेचने वाले दुकानदारों का कब्जा रहता है। इन दुकानदारों ने अपने स्थान फिक्स कर लिए हैं। ऐसे में अगर रिक्शा भी आमने-सामने आ जाता है तो पार होना मुश्किल होता है और जाम लग जाता है। पंजाबी मार्केट की ओर चारपहिया और रिक्शे पर लगी पाबंदी के चलते अब सब्जीमंडी तक सवारियां बैठाकर रिक्शा चालक आते हैं। इससे जाम के हालात पैदा हो रहे हैं। यदि किसी दुकानदार का सामान अनजाने में किसी से गिर जाता है तो उससे लोग मारपीट पर उतर आते हैं।
सिनेमा रोड से पल्टन बाजार की ओर जाने वाली सड़क पर दोपहर से शाम तक चलना लोगों का दूभर हो जाता है। हनुमान मंदिर तिराहे पर सब्जी वालों के चलते लोग पैदल भी रास्ता नहीं चल पाते। ऐसे में चारपहिया वाहनों के गुजरने पर लोगों को जाम में फंसना पड़ता है।