अब गांवों की स्वच्छता रैंकिंग जनता के हाथ में है। बेहतर फीडबैक वाली ग्राम पंचायतों को गांधी जयंती पर सम्मानित किया जाएगा। 15 अगस्त तक ग्रामीण ऑनलाइन फीडबैक दे सकेंगे। फीडबैक के आधार पर ही ग्राम पंचायतों को अंक मिलेंगे।
जिले के 17 विकासखंडों में 1148 ग्राम पंचायत स्थित है। स्वच्छ भारत मिशन शासन की प्राथमिकता में शामिल है। गांव में शौचालय से लेकर जल निकासी समेत दूसरी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। हर साल ग्राम पंचायतों का स्वच्छता सर्वेक्षण कराया जाता है। बेहतर व साफ सुथरे ग्राम पंचायतों को पुरस्कृत किया जाता है। इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण एप डाउनलोड कर ग्रामीण फीडबैक दे सकेंगे।
फीडबैक देते समय गांव के स्वच्छता की स्थिति की जानकारी देनी होगी। इसी के आधार पर ग्राम पंचायतों की रैंकिंग तय होगी। फीडबैक के आधार पर 100 अंक ग्राम पंचायतों को दिया जाएगा। पंचायती राज विभाग की ओर से ग्रामीणों को एप के प्रति जागरूक किया जा रहा है। जिससे सही जानकारी सामने आ सके।
डीपीआरओ श्रीकांत दर्वे ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण किया जाएगा। ग्रामीण भी फीडबैक दे सकेंगे। उनके फीडबैक के आधार पर ग्राम पंचायतों को अंक प्राप्त होंगे। सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली ग्राम पंचायतों को नई दिल्ली में पुरस्कृत किया जाएगा।
केंद्रीय टीम भी करेगी सर्वे
ग्राम पंचायतों के स्वच्छता की हकीकत खंगालने केंद्रीय टीम भी जनपद पहुंचेगी। शौचालय की उपलब्धता के साथ ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, रिसोर्स रिकवरी सेंटर, खाद गड्ढा, वर्मी नाडेफ, कंपोस्ट पिट आदि की रिपोर्ट टीम एकत्रित करेगी। सामुदायिक के साथ घरेलू शौचालय की स्थिति भी देखी जाएगी। साफ-सफाई के साथ जल निकासी की व्यवस्था की रिपोर्ट टीम तैयार करेगी।