अपर सत्र न्यायाधीश हरविंदर सिंह की कोर्ट ने धोखाधड़ी व जानलेवा हमले के आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट में नगर कोतवाली इलाके के सरायबहेलिया गांव के धोखाधड़ी के आरोपी प्रमोद कुमार के जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि वादी मुकदमा के अनुसार उसकी जमीन को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आरोपी ने हड़प लिया था।
कोर्ट ने एडीजीसी की दलीलों को सुनकर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। इसी तरह मानधाता इलाके के हैंसी जयचंद गांव के जानलेवा हमले के आरोपी शमीम के जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान एडीजीसी देवेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मानधाता थाने में 19 जुलाई 2021 को अब्दुल कयूम ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था।
वादी ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर उसे व उसके भाई सयूम पर गांव के पास ही हत्या करने की नियत से तमंचे से फायर झोंका था। गोली वादी के भाई सयूम के कंधे में लगी थी। कोर्ट ने एडीजीसी की दलीलों को सुनकर आरोपी का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
बांदा के नरेगी थाना प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ वारंट जारी
सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने हत्या के मामले की सुनवाई के दौरान गवाही देने के लिए कोर्ट नहीं आ रहे बांदा जिले के नरेगी थाना प्रभारी के खिलाफ वारंट जारी कर दिया है। कोर्ट के एडीजीसी क्रिमिनल विक्रम सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में मानधाता इलाके के देवैनी गांव में हत्या के मामले की विवेचना तत्कालीन एसआई मनोज शुक्ला ने की थी। इस मामले की सुनवाई के दौरान वह कोर्ट में गवाही देने नहीं आ रहे हैं। कोर्ट की ओर से एसपी बांदा को पत्र भेजा गया। बावजूद इसके वह कोर्ट नहीं पहुंचे। इससे नाराज कोर्ट ने वर्तमान में बांदा जनपद के नरेगी थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोज शुक्ला के खिलाफ जमानतीय वारंट जारी कर दिया है।