फिर क्या था, विभाग के बाबुओं ने फाइल दबाकर रख ली और छह साल जांच नहीं हुई। नवागत बीएसए भूपेंद्र कुमार ने मामला संज्ञान में आने के बाद खंड शिक्षा अधिकारी को परीक्षा नियामक प्राधिकरण भेजकर जांच कराई। इसके बाद शिक्षिकाओं के टीईटी के प्रमाण पत्र फर्जी होने की पुष्टि हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि ऑफलाइन सत्यापन में अंकपत्र फर्जी मिलने के बाद भी कर्मचारी विभागीय अफसरों को गुमराह कर रहे हैं। इससे बीएसए इन फर्जी शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
इन शिक्षिकाओं के प्रमाण पत्र मिले फर्जी
जिन शिक्षिकाओं के अभिलेख फर्जी मिले हैं, उनमें मीरा देवी, सीमा देवी, कंचन, निधि सिंह, संगीता देवी, सीमा कोरी, बिंदू देवी, सुमित्रा मौर्या, रुचि प्रजापति के नाम शामिल हैं।
नौ शिक्षिकाओं के टीईटी प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। ऑफलाइन सत्यापन में इसकी जानकारी हुई है। शिक्षिकाओं पर मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई प्रस्तावित है। -
भूपेंद्र सिंह, बीएसए