बिजली विभाग की लापरवाही के चलते रविवार को शहरी बिजली-पानी के लिए तड़प गए। भुपियामऊ से शहर आने वाली मेन लाइन की मरम्मत के लिए विभाग ने छह घंटे आपूर्ति बाधित रहने की बात अफसरों ने कही थी, लेकिन दस घंटे कटौती की गई। सुबह दस बजे गुल हुई बिजली रात आठ बजे आई। इससे लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल हो गए। दिनभर लोगों को पानी भी नहीं मिल सका।
दशहरा पर्व को लेकर शहर में अनुरक्षण का कार्य चल रहा है। तारों को दुरुस्त किया जा रहा है। रविवार को भुपियामऊ से शहर आई मेन लाइन का कार्य चला। सुबह करीब 10 बजे जैसे ही कार्य शुरू हुआ तो आपूर्ति ठप कर दी गई। इससे पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। सुबह 10 बजे से विद्युत विभाग की टीम कार्य में जुटी तो उसे दुरुस्त करने में 10 घंटे लग गए। रात करीब 8 बजे विद्युत आपूर्ति शुरू हुई। ऐसे में शहर में दिनभर लोग बिजली न होने से गर्मी से परेशान रहे।
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घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे गए। धूप तल्ख होने से लोगों को बाहर भी राहत नहीं थी। शाम चार बजे तक भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की जा सकी। मुहल्लों में अंधेरा पसरा रहा। पेयजल की आपूर्ति भी ठप रही। जलापूर्ति न होने से लोग घरों से निकलकर मुहल्लों में स्थित हैंडपंप पर बाल्टी लेकर पानी के लिए मशक्कत करते नजर आए। रात करीब 8 बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। तब जाकर कहीं लोगों ने राहत की संास ली।
रविवार की शाम रोडवेज बस अड्डे के समीप विद्युत तार टूट कर गिर पड़ा। संयोग ही था कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया। सूचना पर करीब 45 मिनट की मशक्कत के बाद विद्युत विभाग की टीम इसे दुरुस्त कर सकी। इससे कई मुहल्लों में अंधेरा छाया रहा।