सप्ताहभर से वातावरण मेें मजबूत पैठ जमाए पुरवा हवाओं को पछुवा ने अपनी मंद चाल से चित कर दिया है। आसमान में फिर से बादलों की चादर तन गई है। यही कारण है कि बरसात हो रही है। सोमवार को दिनभर रिमझिम बरसात का क्रम लगा रहा। इससे मौसम तो सुहाना बना रहा, मगर किचपिच से लोगों को खासी फजीहत झेलनी पड़ी। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि सोमवार को अधिकतम तापमान 30.5 व न्यूनतम 26.5 रिकार्ड किया गया है। पछुवा से बारिश की संभावना बढ़ गई है।
सावन महीने माह के द्वितीय चरण में बादलों ने जमकर बारिश की सौगात दी थी। झमाझम बरसात से किसानों के खेत लबालब होने के साथ ही सड़काें और चौराहों पर भीषण जलभराव की समस्या भी बनी रही। इस बीच पुरवा हवाओं ने आसमान में डटे बादलों का प्रभाव समाप्त कर मौसम साफ कर दिया। इसके बाद धूप खिलने लगी और उमस भरी गर्मी का कहर शुरू हो गया। इस बीच करीब एक हप्ते से पछुवा हवाएं अपना प्रभाव जमाने के लिए जोर-आजमाइश करने में लगी रहीं। आखिरकार पुरवा हवाओं को मात देकर वातावरण में अपना प्रभाव जमा लिया। मंद गति से बह रही पछुवा हवाओं ने आसमान में बादलों का डेरा जमा दिया। बीते शुक्रवार से बारिश का क्रम शुरू है। बादल अब मनमाफिक बारिश करा रहे हैं। सोमवार को सुबह थोड़ी देर के लिए भगवान भास्कर ने दर्शन दिया। इसके बाद आसमान में बादलों की उमड़-घुमड़ तेज हो गई और फिर रिमझिम बरसात का क्रम शुरू हो गया। सुबह से पूरे दिन रुक- रुक कर बादल बारिश करते रहे। इससे मौसम तो सुहाना रहा, मगर लोगों को कीचड़ व अतिक्रमण के चलते आवागमन में परेशानी हुई। शहर के स्टेशनरोड, पल्टन बाजार, चंपा सुर्ती रोड, सदर बाजार, विवेक नगर, दहिलामऊ सहित दर्जनभर मुहल्लाें में अतिक्रमण व किचपिच के चलते लोगों को आवागमन में खूब दिक्कत हुई। लोग गिरते, फिसलते देखे गए। कमोवेश यही हाल ग्रामीणांचल का भी रहा। रानीगंज, पट्टी, सदर, कुंडा, लालगंज क्षेत्र में भी चौराहों, बाजारों में किचपिच से बाजारवासियों के साथ राहगीरों को फजीहत झेलनी पड़ी।