प्रतापगढ़। उत्तरी व पश्चिमी हवाओं के गठजोड़ से ठंड ने जनपद में दस्तक दे दी है। हप्तेभर से तापमान निरंतर लुढ़क रहा है। हप्तेभर में अधिकतम व न्यूनतम तापमान में 6 अंक की गिरावट आई है। ठंड बढने से अब घरों में रजाई-कंबल निकल गए है। दिनभर लोग स्वेटर, जैकेट में दिखने लगे है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 27.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 11.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।
अक्तूबर माह से ही मौसम परिवर्तन का खेल चल रहा है। बीच में बूंदाबांदी के चलते मौसम नम हो जाता था तो वहीं पुरवा हवाओं एवं तल्ख धूप के चलते गर्म। यह दौर पूरे अक्टूबर माह तक चलता रहा। इससे ठंड का असर कम रहा। स्थिति यह थी कि रात 10 बजे के बाद हल्की ठंड का अहसास होता था। अधिकतम तापमान 33.0 व न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस। दिनभर उमस भी अहसास किया जा रहा था। पंखे व कूलर घरों में फर्राटा भर रहे थे। मगर नवंबर माह के शुरू होते ही मौसम का मिजाज बदलने लगा। पश्चिमी व उत्तरी हवाएं बहने लगी। दोनों हवाओं के गठजोड़ से मौसम का मिजाज धीरे- धीरे बदलने लगा, और तापमान में गिरावट दर्ज की जाने लगी।
आंकड़ों पर गौर फरमाए तो हप्तेभर के भीतर 33.0 तक पहुंचा अधिकतम तापमान लुढक़ कर 27 डिग्री सेल्सिएस आ गया, जबकि न्यूनतम 16.0 डिग्री सेल्सिएस तापमान लुढ़क कर 11 डिग्री सेल्सिएस पहुंच गया है। ठंड मेें एकाएक हुई वृद्धि से घरों में रजाई, गद्दे व कंबल निकल आए है। इसके अलावा एहतियात के तौर पर लोग स्वेटर व जैकेट में बाहर निकल रहे है। शुक्रवार को सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही लगी रही। ठंड का अहसास बना रहा। दोपहर में भी तापमान तल्खी नहीं रही। शहर के बाबागंज, पंजाबी मार्केट, सदर चौराहा, पल्टनबाजार स्थित दुकानों पर लोग स्वेटर व जैकेट में दिखे। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि पश्चिमी एवं उत्तरी हवाओं के मेल से तापमान में गिरावट आई है। हवाओं में यदि परिवर्तन नहीं हुआ तो जल्द ही ठंड और भी बढ़ जाएगी।