सीएचसी में इलाज कराने पहुंचे लोगों ने चिकित्सक सहित फार्मासिस्ट व वार्डब्वाय से अभद्रता की। यही नहीं दोबारा पहुंचकर लोगों ने चिकित्सक के साथ मारपीट की। इमरजेंसी में तोडफ़ोड़ की और रजिस्टर फाड़ दिया। सुबह चिकत्सकों ने मारपीट के विरोध में ओपीडी ठप कर दी। इसके बाद कोतवाली का घेराव करते हुए तहरीर दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
सीएचसी कुंडा में सोमवार देर रात सरियावां गांव के पूर्व प्रधान प्रदीप यादव अपने साथियों के साथ मोनू यादव का इलाज कराने पहुंचे थे। इमरजेंसी में एक ही चिकित्सक को देख वह लोग बहस करने लगे। आरोप है कि शराब पीने के कारण अभद्रता करने लगे। फार्मासिस्ट सहित अन्य लोगों ने बीचबचाव किया तो वह लोग चले गए। करीब आधे घंटे बाद फिर लाठी-डंडा लेकर पहुंचे और चिकित्सक पर हमला कर दिया।
मारपीट में चिकित्सक अरुण कुमार ओझा सहित फार्मासिस्ट और वार्डब्वाय को चोटें आईं। हमलावरों ने रजिस्टर फाड़ दिया और इमरजेंसी में कुर्सी आदि तोड़ दी। सूचना पर पुलिस पहुंची तो हमलावर भाग निकले। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर संग्रामगढ़, हथिगवां सहित अन्य पीएचसी पर डाक्टर ओपीडी बंदकर हड़ताल पर चले गए। इसके बाद कुंडा कोतवाली का घेराव किया।
पुलिस ने उनकी तहरीर पर पूर्व प्रधान प्रदीप यादव और मोनू यादव सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ तोड़-फोड़, हंगामा, सरकारी काम में बाधा डालने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए शाम तक का समय लिया। अधीक्षक आरके त्रिपाठी ने बताया कि यदि पुलिस शाम तक गिरफ्तारी नहीं करती है तो संगठन के लोगों से बात करके इमरजेंसी का काम भी रोक दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में चौकी बनाकर सुरक्षा दी जाएगी, तभी अब रात में इमरजेंसी सेवाएं लोगों को दी जाएंगी।