प्याज के बढ़ते दाम देखकर उपभोक्ताओं की आंखों से आंसू निकल रहे हैं। नासिक और कर्नाटक से प्याज की आपूर्ति ठप होने के कारण दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। गुरुवार को खुले बाजार में प्याज 110 रुपये किलो बिका। आलम यह रहा कि छोटे दुकानों से प्याज गायब था।
नासिक और कर्नाटक से प्याज की आपूर्ति ठप होने से दामों में भारी उछाल आया है। गुरुवार को खुले बाजार में 110 रुपये प्रति किग्रा की दर से प्याज की बिक्री हुई। आलम यह रहा कि शहर की छोटी-दुकानों से प्याज गायब हो गई है। आश्चर्य की बात तो यह है शासन ने जहां प्याज के दाम नियंत्रित करने और गोदामों में डंप करने वाले व्यवसाइयों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, वहीं जिले के अफसर कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं।
प्याज के दाम नियंत्रित करने के लिए न तो कोई प्रयास किया गया और न ही कोई पहल हुई है। गुरुवार को दुकानों पर पहुंचने वाले ग्राहक दाम सुनकर ही लौट जा रहे थे।
नासिक में भारी बरसात होने और कर्नाटक में प्याज के गोदाम खाली होने से जिले में प्याज का संकट गहरा गया है। अभी तक 80 रुपये किग्रा बिकने वाली प्याज गुरुवार को अचानक 110 रुपये पर पहुंच गया। फुटकर दुकानों में अधिक दाम पर बिकते देख ग्राहक मंडी में प्याज लेने पहुंच गए। हालांकि वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली।
प्याज डंप कर थोक विक्रेता कर रहे हैं मोटी कमाई
प्याज के दाम बढने में थोक विक्रेताओं का बड़ा हाथ है। प्याज डंप करके फुटकर व्यापार ियों को महंगे दाम पर बेच रहे हैं। इससे थोक विक्रेता जहां मालामाल हो रहे हैं, वहीं आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नासिक और कर्नाटक से प्याज इन दिनों नहीं आ रहा है। इससे आम ग्राहकों को थोड़ा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। थोक विक्रेता लगातार संपर्क में हैं, जल्द ही प्याज की आवक होते ही स्थित ि सामान्य हो जाएगी।
रमेश पांडेय, प्रभारी सचिव, मंडी