स्मार्टफोन के अभाव या फिर नेटवर्क की दिक्कत की वजह ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है। अब उनकी विषयवस्तु से संबंधित समस्या फोन से दूर हो सकेगी। वे फोन कर शिक्षकों से अपनी समस्या बताएंगे। विषय विशेषज्ञ उनकी समस्या का निदान करेंगे। इसके लिए जिलास्तरीय विशेषज्ञ शिक्षकों का पैनल बनाया गया है। इसके अलावा स्कूल में भी शिक्षकों का पैनल बनाया गया है। नेटवर्क की समस्या के बीच यह पहल अच्छी मानी जा रही है।
जिले में 44 राजकीय विद्यालय हैं। 78 सहायता प्राप्त व छह सौ के पार वित्तविहीन कॉलेज हैं। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा स्थगित हो गई है। नए शिक्षासत्र से ही विद्यालयों में पठन-पाठन ऑनलाइन चल रहा है। मगर, ऑनलाइन पढ़ाई में नेटवर्क की समस्या आड़े आ रही है। ग्रामीण इलाकों में ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चे नेटवर्क की समस्या से परेशान रहते हैं। उन्हें समुचित रूप से क्लास नहीं मिल पाती है।
इसके अलावा जिले के अधिकांश बच्चों के पास स्मार्ट फोन नहीं हैं। ऑनलाइन शिक्षा में बाधक बन रही इन समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए विभाग ने शिक्षकों का पैनल तैयार किया है। पैनल में विषय विशेषज्ञों की टीम होगी, जो बच्चों की समस्या फोन पर दूर करेगी। बच्चे विषय विशेषज्ञों के नंबर पर फोन कर अपनी समस्या बता सकेंगे। शिक्षकों की टीम उनके सभी प्रश्नों का जवाब देगी। जिलास्तरीय पैनल जीआईसी में बनाया गया है।
इसके अलावा विद्यालयों में भी शिक्षकों पैनल तैयार किया जा रहा है। यह भी बच्चों के सभी प्रश्नों का उत्तर फोन के जरिए देंगे। जीजीआईसी बरहदा के प्रधानाचार्य विंध्याचल सिंह ने बताया कि नेटवर्क की समस्या के बीच यह अच्छी पहल है। बच्चे फोन के जरिए पठन-पाठन से संबंधित समस्या शिक्षकों से साझा कर रहे हैं। डीआईओएस डॉ. सर्वदानंद ने बताया कि विषय विशेषज्ञों का पैनल बनाया गया है। फोन के जरिए भी बच्चों की समस्या दूर की जा रही है।