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Pratapgarh News: कम पड़े तिरपाल, बारिश में भीगा गेहूं

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बृहस्पतिवार को रात में महुली क्रय केंद्र पर बारिश में भीगता खुले में रखा गेहूं। संवाद
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जिले के 68 क्रय केंद्रों पर खरीद के बाद गेहूं की बोरियां खुले परिसर में डंप की जा रही हैं। बारिश होने पर केंद्रों पर पड़े गेहूं के बोरे भीग गए हैं। बोरों को ढकने के लिए तिरपाल भी कम पड़ रहे हैं। इससे क्रय केंद्र प्रभारियों को नुकसान हो रहा है।
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पिछले साल मिले लक्ष्य 21,555 मीट्रिक टन के आधार पर गेहूं खरीद प्रक्रिया दो अप्रैल से शुरू की गई। अब तक 4,178 किसानों से करीब चार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। लगभग तीन दिनों से तेज हवा के साथ हो रही बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के क्रय केंद्रों की पोल खोल दी है।
क्रय केंद्रों पर डंप गेहूं की बोरियों की सुरक्षा के लिए इंतजाम नहीं हैं। थोड़े बहुत तिरपाल से गेहूं की बोरियां को ढका गया है। जबकि अधिकांश बोरियां खुले आसमान में डंप में हैं। रात में बारिश से हर दिन गेहूं की बोरियां भीग रही हैं। इससे अनाज खराब होने का खतरा बढ़ गया है। क्रय केंद्रों से सरकारी राशन की दुकानों पर गेहूं को उपलब्ध कराया जाएगा। बावजूद इसके जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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भीगे गेहूं में फंगस का खतरा : डॉ. नवीन
कृषि विज्ञान केंद्र कालाकांकर के वैज्ञानिक ने डॉ. नवीन सिंह बताया कि बारिश से भीगे अनाज में फंगस और मोल्ड विकसित होता है। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बताया कि अगर गेहूं को जल्दी नहीं सुखाया गया तो वह अंदर ही अंदर सड़ने लगेगा और अनाज से बदबू आने लगेगी। नमी के कारण गेहूं के दानों का पोषक तत्व भी कम हो जाता है।
वर्जन
उपलब्ध तिरपाल से गेहूं की बोरियां को ढका गया है। जल्द ही और तिरपाल की व्यवस्था क्रय केंद्रों पर कराई जाएगी।
- अखिलेश सिंह, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी

बृहस्पतिवार को रात में महुली क्रय केंद्र पर बारिश में भीगता खुले में रखा गेहूं। संवाद

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